लसूडिया पुलिस की बड़ी कामयाबी, इनामी बदमाशों समेत 5 गिरफ्तार
इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के लसूडिया थाना क्षेत्र में 21 मई की रात हुए सनसनीखेज ‘अभि तोमर हत्याकांड’ का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। फिल्मी स्टाइल में अंजाम दी गई इस वारदात के पीछे पुरानी रंजिश और “खून का बदला खून” की खौफनाक कहानी सामने आई है। पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य साजिशकर्ताओं सहित कुल 5 आरोपियों को दबोच लिया है, जबकि मुख्य शूटर समेत तीन आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।
पेट्रोल पंप के सामने बरसाईं थीं अंधाधुंध गोलियां
घटना 21 मई की रात की है, जब स्कीम नंबर 114 स्थित गुलाब बाग (बाबा) पेट्रोल पंप के पास अभितेंद्र उर्फ अभि तोमर अपने दोस्तों के साथ खड़ा था। तभी घात लगाए बैठे बदमाशों ने उसे घेर लिया और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की तड़तड़ाहट से इलाका दहल उठा। इस हमले में मूल रूप से भिंड के रहने वाले अभि तोमर की मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था।
भाई की मौत का बदला बना कत्ल की वजह
एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह के मुताबिक, इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड गुलशन यादव है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि गुलशन ने अपने भाई विष्णु यादव की हत्या का बदला लेने के लिए अभि तोमर की हत्या की पूरी स्क्रिप्ट लिखी थी। बदला लेने की आग में जल रहे गुलशन ने अपने साथियों के साथ मिलकर अभि को रास्ते से हटाने का फुलप्रूफ प्लान तैयार किया था।
10-10 हजार के इनामी बदमाश धरे गए
हाईप्रोफाइल मर्डर केस की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर स्पेशल टीमें गठित की गई थीं। सीसीटीवी फुटेज, टेक्निकल सर्विलांस और मुखबिरों के जाल की मदद से पुलिस ने दो इनामी आरोपियों पीयूष उर्फ गौरव गुर्जर (निवासी: स्कीम नंबर 78, इंदौर), सत्यवीर उर्फ सत्ते जाटव / सत्येंद्र उर्फ सत्तू (मूल निवासी: भिंड) को दबोच लिया है।
बड़ी कामयाबी: पकड़े गए दोनों मुख्य आरोपियों पर पुलिस उपायुक्त (जोन 2) द्वारा 10,000-10,000 रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस ने इनकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली है।
मददगारों पर भी कसा शिकंजा, 4 शहरों में कटी फरारी
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी पुलिस से बचने के लिए इंदौर, भिंड, शिवपुरी और भोपाल जैसे शहरों में ठिकाने बदल-बदल कर छिप रहे थे। पुलिस ने फरार आरोपियों को पनाह देने और कानून से छिपाने के आरोप में तीन मददगारों गौरव उर्फ संजू मौर्य, नरेश चौरसिया, भानु सिंह गुर्जर को भी गिरफ्तार किया है।
मुख्य आरोपी सहित 3 अब भी फरार
पुलिस ने भले ही मामले का खुलासा कर दिया हो, लेकिन मुख्य शूटर और मास्टरमाइंड अब भी कानून की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस को अब इन तीन मुख्य चेहरों गुलशन यादव (मुख्य साजिशकर्ता), डीलू उर्फ चंद्रकांत लहरिया (शूटर), गौरव जाटव की सरगर्मी से तलाश है।
एडिशनल डीसीपी ने कहा कि फरार आरोपियों पर भी इनाम घोषित है। पुलिस की कई टीमें लगातार अलग-अलग जिलों में दबिश दे रही हैं, और बहुत जल्द मुख्य आरोपियों को भी सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

