मानसून 2026: मानसून की रफ़्तार ने पकड़ी रफ़्तार
नई दिल्ली/भोपाल। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 को लेकर ताज़ा रिपोर्ट और नक्शा जारी कर दिया है। भीषण गर्मी और उमस से परेशान देशवासियों के लिए राहत की बड़ी ख़बर है। मानसून बंगाल की खाड़ी और अरब सागर, दोनों ही रास्तों से भारत के मुख्य भूभाग की तरफ तेज़ी से कदम बढ़ा रहा है।
मौसम विभाग के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, 02 जून तक मानसून की उत्तरी सीमा अंडमान सागर को पूरी तरह पार करते हुए बंगाल की खाड़ी के एक बड़े हिस्से और लक्षद्वीप के नज़दीकी इलाक़ों को कवर कर चुकी है।
मध्यप्रदेश में कब होगी मानसून की एंट्री
नक्शे के विश्लेषण और मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मध्यप्रदेश के लिए राहत की तारीखें बेहद नज़दीक हैं:
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15 जून से 20 जून के बीच: मानसून मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्सों (जबलपुर, शहडोल संभाग) के रास्ते राज्य में प्रवेश करेगा।
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20 जून से 22 जून तक: मानसून की लाल रेखाएं दर्शाती हैं कि 20 जून के आसपास यह भोपाल, इंदौर और धार सहित पूरे मालवा-निमाड़ अंचल को कवर कर लेगा। यानी जून के तीसरे सप्ताह में मध्यप्रदेश में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो जाएगा।
कैसा रहा अब तक का सफ़र
नीली रेखाओं (Actual Dates) के अनुसार, इस साल मानसून समय पर और बेहद अनुशासित तरीक़े से आगे बढ़ रहा है:
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16-17 मई: मानसून ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के दक्षिणी हिस्सों में दस्तक दी।
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18-22 मई: बंगाल की खाड़ी के मध्य भागों में इसका विस्तार हुआ।
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23-26 मई: मानसून म्यांमार के तटीय इलाक़ों और बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्सों की तरफ बढ़ा।
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30 मई – 02 जून: मानसून ने पूर्वोत्तर भारत के प्रवेश द्वार (बांग्लादेश के करीब) और लक्षद्वीप के समुद्री क्षेत्रों को अपने घेरे में ले लिया है।
जानिए अन्य राज्यों में कब पहुंचेगा मानसून
IMD द्वारा जारी संभावित तारीखों (लाल रेखाओं) के अनुसार, देश के अन्य हिस्सों में मानसून का शेड्यूल इस प्रकार है:
| क्षेत्र/राज्य | संभावित मानसून आगमन की तारीख़ |
| केरल और तमिलनाडु (मुख्य भूमि प्रवेश) | 01 जून से 05 जून के बीच |
| कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्य | 05 जून तक |
| महाराष्ट्र (मुंबई), तेलंगाना, ओडिशा और पश्चिम बंगाल | 10 जून से 15 जून |
| मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और गुजरात | 15 जून से 20 जून |
| उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वी राजस्थान | 20 जून से 25 जून |
| दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर | 30 जून से 05 जुलाई |
| पश्चिमी राजस्थान (आख़िरी पड़ाव) | 08 जुलाई तक |
मौसम वैज्ञानिक का क्या है कहना
“फिलहाल मौसमी परिस्थितियां मानसून के आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में हवा का दबाव बेहतर है, जिससे उम्मीद है कि मध्यप्रदेश सहित देश के अधिकांश हिस्सों को तय समय पर या उससे थोड़ा पहले ही गर्मी से राहत मिल जाएगी। इस बार मालवा अंचल में भी अच्छी बारिश की उम्मीद जताई जा रही है।”
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