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अतिथि शिक्षकों को री-जॉइनिंग पर राहत : इस सत्र नहीं रुकेगी जॉइनिंग, लेकिन देना होगा ई-अटेंडेंस का वचन पत्र

भोपाल। मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे हजारों अतिथि शिक्षकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में अतिथि शिक्षकों की री-जॉइनिंग को लेकर नियमों में ढील देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

सत्र 2026-27 के लिए री-जॉइनिंग में आवश्यक 90% ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता में शिथिलता (छूट) प्रदान की गई है। यह आदेश लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश के आयुक्त अभिषेक सिंह द्वारा जारी किया गया है। यह आधिकारिक आदेश 24 जुलाई 2026 को भोपाल से जारी किया गया।

यह आदेश संपूर्ण मध्यप्रदेश के सभी संभागीय संयुक्त संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी और संकुल प्राचार्यों के लिए लागू किया गया है। अतिथि शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत आवेदनों और री-जॉइनिंग में आ रही व्यावहारिक समस्याओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए यह निर्णय लिया गया है।

नियम एवं शर्तें

आदेश के अनुसार, राहत मिलने के साथ ही अतिथि शिक्षकों के लिए एक शर्त भी तय की गई है। री-जॉइनिंग के समय ऐसे अतिथि शिक्षकों से यह लिखित वचन पत्र लिया जाएगा कि वे इस वर्तमान सत्र में अनिवार्य रूप से अपनी ई-अटेंडेंस दर्ज कराएंगे।

इससे पहले, संचालनालय द्वारा 30 जून 2026 को जारी पत्र (क्रमांक 652-653) के तहत पोर्टल पर कार्यवाही के लिए 90% ई-अटेंडेंस को आधार बनाना अनिवार्य किया गया था, जिससे कई शिक्षकों को री-जॉइनिंग में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।

लोक शिक्षण संचालनालय ने साफ किया है कि इस छूट को भविष्य के लिए उदाहरण नहीं माना जाएगा। आगामी सत्रों से ई-अटेंडेंस के आधार पर ही री-जॉइनिंग की जाएगी और उसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता प्रदान नहीं की जाएगी। इससे स्पष्ट है कि चालू सत्र के बाद शिक्षकों को अनिवार्य रूप से ई-अटेंडेंस नियम का सख्ती से पालन करना होगा।

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