धार। शहर की कानून व्यवस्था को हाईटेक बनाने और आम जनता को पूरी तरह सुरक्षित माहौल देने के लिए धार पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब आगामी त्योहारों, धार्मिक आयोजनों और वीआईपी ड्यूटी के दौरान हुड़दंगियों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना बेहद आसान हो जाएगा। पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा के निर्देशन में शहर के भीतर एक ऐसा सुरक्षा चक्र तैयार किया गया है, जो पलक झपकते ही आपातकालीन स्थितियों में एक्शन मोड में आ जाएगा।
इस व्यवस्था को अमलीजामा पहनाने के लिए धार पुलिस द्वारा पीडब्ल्यूडी भवन के सामने एक अत्याधुनिक ‘मिनी कंट्रोल रूम’ स्थापित किया गया है। पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में शुरू हुआ यह हाईटेक केंद्र शहर में कानून व्यवस्था, सुगम यातायात प्रबंधन और आगामी त्योहारों के दौरान सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए मुख्य समन्वय केंद्र (कमांड सेंटर) के रूप में काम करेगा। यहां से मैदानी ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों से सीधा संपर्क साधा जा सकेगा, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत अतिरिक्त पुलिस बल और संसाधन मौके पर भेजे जा सकेंगे।

यह मिनी कंट्रोल रूम शहर के संवेदनशील इलाकों, प्रमुख चौराहों और जुलूस मार्गों की लगातार मॉनिटरिंग करेगा। कैमरों और सूचना तंत्र से मिलने वाले इनपुट्स का तुरंत विश्लेषण किया जाएगा, ताकि कोई भी अप्रिय घटना होने से पहले ही उसे रोका जा सके।
मिनी कंट्रोल रूम से होने वाले मुख्य फायदे:
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त्वरित रिस्पॉन्स: आपातकालीन सूचनाओं का तेजी से आदान-प्रदान होगा, जिससे पुलिस का रिएक्शन टाइम बेहद कम हो जाएगा।
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बेहतर समन्वय: मैदान में तैनात पुलिसकर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच सीधा और मजबूत संचार बना रहेगा।
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स्मार्ट ट्रैफिक: त्योहारों और जुलूसों के दौरान ट्रैफिक डायवर्जन और भीड़ प्रबंधन की पल-पल की मॉनिटरिंग आसान होगी।
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सीधी कमान: वरिष्ठ अधिकारी कंट्रोल रूम से ही जमीनी हकीकत देखकर सीधे निर्देश दे सकेंगे।
धार पुलिस की यह आधुनिक पहल आने वाले समय में शहर की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से पब्लिक फ्रेंडली और रिस्पॉन्सिव बनाएगी। इस तकनीक-आधारित नियंत्रण व्यवस्था के शुरू होने से न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली अधिक व्यवस्थित होगी, बल्कि आगामी त्योहारों और बड़े धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने में यह कंट्रोल रूम सबसे अहम भूमिका निभाएगा।

