कलेक्टर मीना ने सुनी 111 आमजनों की समस्याएं, अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
धार। आम नागरिकों की बुनियादी समस्याओं का सीधा और त्वरित समाधान करने के उद्देश्य से धार जिला प्रशासन की साप्ताहिक जनसुनवाई एक बार फिर जनता की उम्मीदों का केंद्र बनी। कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने मंगलवार को आयोजित इस जनसुनवाई में दूर-दराज के क्षेत्रों से आए नागरिकों की शिकायतों और मांगों को बेहद गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि जनहित के मामलों में किसी भी स्तर पर देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
धार जिला मुख्यालय पर मंगलवार को आयोजित इस साप्ताहिक जनसुनवाई में कुल 111 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर राजीव रंजन मीना की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ अभिषेक चौधरी और अपर कलेक्टर संजीव केशव पाण्डेय सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तर के अधिकारी मौजूद रहे। जनसुनवाई के दौरान मुख्य रूप से संबल योजना का लाभ दिलाने, रेलवे के लिए अधिग्रहित भूमि का मुआवजा दिलवाने, प्रधानमंत्री आवास, वृद्धावस्था पेंशन, भूमि सीमांकन व नामांतरण, रास्तों के विवाद और अतिक्रमण हटाने जैसे महत्वपूर्ण आवेदन सामने आए, जिन्हें संबंधित मैदानी अधिकारियों को तुरंत सौंप दिया गया।

पात्र हितग्राहियों को समय पर मिले लाभ
कलेक्टर मीना ने सभी विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि प्राप्त हुए सभी 111 आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर और एक निश्चित समय-सीमा के भीतर पूरी गुणवत्ता के साथ निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक समय पर पहुँचना चाहिए, ताकि किसी भी पीड़ित या जरूरतमंद नागरिक को अपनी बुनियादी दिक्कतों के लिए सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर न काटने पड़ें। उन्होंने कई आवेदकों की समस्याओं को विस्तार से सुनकर मौके पर ही वैधानिक समाधान के निर्देश दिए।
धार जिला प्रशासन द्वारा चलाई जा रही इस निरंतर पहल और ई-गवर्नेंस जैसी आधुनिक प्रणालियों के उपयोग से आने वाले समय में जिले की शिकायत निवारण प्रणाली और अधिक पारदर्शी, सुलभ और त्वरित बनेगी। तकनीकी और जमीनी स्तर के इस समन्वय से न केवल लंबित मामलों की संख्या में कमी आएगी, बल्कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में होने वाले भ्रष्टाचार और लेती-देती पर भी लगाम लगेगी। प्रशासन की इस सक्रियता से आने वाले दिनों में आम जनता और स्थानीय प्रशासन के बीच का विश्वास और मजबूत होने की उम्मीद है।
