आधे घंटे की तेज बारिश से ‘आदर्श सड़क’ पर भरा पानी
धार। पिछले तीन दिनों से जारी उमस और भीषण गर्मी के बाद आखिरकार शनिवार दोपहर करीब 2:40 बजे धार शहर सहित आसपास के इलाकों में मौसम का मिजाज बदल गया। आसमान में उमड़ते काले बादलों के बीच करीब 30 मिनट तक हुई झमाझम बारिश ने जहां किसानों और आम जनता के चेहरों पर मुस्कान ला दी, वहीं प्रशासन के विकास के दावों की हवा भी निकाल दी। लोग इस पहली राहत का आनंद लेते जरूर दिखे, लेकिन कुछ ही देर में शहर की मुख्य सड़कों की बदहाली ने इस ख़ुशी का रंग फीका कर दिया।
शनिवार दोपहर करीब 2:40 बजे धार शहर के आदर्श सड़क में मात्र आधे घंटे की तेज बारिश के कारण भारी जल जमाव हो गया। पिछले तीन दिनों से लगातार छा रहे काले बादलों और तेज हवाओं के बाद हुई इस बारिश से सड़कों और नालियों का पानी उफनकर बाहर आ गया। इस जलभराव के चलते वहाँ से गुजरने वाले वाहन चालकों और स्थानीय राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जलमग्न सड़कों के कारण कई दोपहिया वाहन चालकों का संतुलन बिगड़ता देखा गया, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका काफी बढ़ गई है।
स्थानीय निवासियों और व्यापारियों का कहना है कि तीन दिन पहले हुई तेज बारिश में भी आदर्श सड़क पर घंटों पानी जमा रहा था। नालियों की समय पर सफाई न होने और खराब इंजीनियरिंग के चलते अब थोड़ी सी बारिश भी आफत बन जाती है।
पीथमपुर से सबसे ज्यादा बारिश दर्ज
मौसम के आंकड़ों की बात करें तो धार शहर में 1 जुलाई से आज सुबह तक कुल 137.7 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष की इस अवधि (39.8 मिमी) के मुकाबले काफी अधिक है। वहीं पूरे जिले में अब तक कुल 801.8 मिमी बारिश हो चुकी है, जबकि पिछले साल इस समय तक आंकड़ा केवल 464.1 मिमी था। जिलेवार स्थिति देखें तो वर्तमान में सबसे ज्यादा बारिश पीथमपुर में 266 मिमी दर्ज की गई है। इसके बाद धरमपुरी में 127 मिमी, बदनावर में 71.6 मिमी, नालछा में 62.8 मिमी, तिरला में 55 मिमी, गंधवानी में 42 मिमी, सरदारपुर में 9.4 मिमी, निसरपुर में 8.3 मिमी और मनावर में 8 मिमी वर्षा दर्ज हुई है। सबसे कम बारिश उमरबन में महज 3 मिमी रही है, जबकि कुक्षी और बाग़ क्षेत्र में तो अभी तक बारिश के आंकड़ों का खाता भी नहीं खुल सका है।
आने वाले दिनों में यदि बारिश का दौर ऐसा ही जारी रहता है और प्रशासन ने जल निकासी की व्यवस्था को जल्द दुरुस्त नहीं किया, तो इस मुख्य मार्ग पर कोई बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय व्यापारियों और वाहन चालकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस ‘आदर्श सड़क’ के ड्रेनेज सिस्टम को तुरंत सुधारा जाए ताकि भविष्य में होने वाली भारी बारिश के दौरान स्थिति और अधिक गंभीर न हो।
