विधायक नीना वर्मा ने हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रैली को किया रवाना
धार। देश को पोलियो मुक्त बनाए रखने के संकल्प के साथ धार जिले में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। 28 जून को आयोजित होने वाले विशेष टीकाकरण दिवस से ठीक एक दिन पहले शनिवार को पूरा जिला ‘दो बूंद जिंदगी की’ के नारों से गूंज उठा। स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और नगर पालिका के संयुक्त प्रयास से एक विशाल जागरूकता रैली निकाली गई, जिसने शहर के नागरिकों को अपने नौनिहालों कको सुरक्षा चक्र प्रदान करने के लिए प्रेरित किया।
शनिवार को धार के लालबाग परिसर में क्षेत्रीय विधायक नीना विक्रम वर्मा ने हरी झंडी दिखाकर इस भव्य जागरूकता रैली को रवाना किया। यह रैली लाल बाग से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों मोहन टॉकीज, हटवाड़ा बाजार, आनंद चौपाटी और जवाहर मार्ग से होते हुए वापस लाल बाग परिसर पर समाप्त हुई। इस अभियान में स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग के मैदानी अमले सहित आशा-उषा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, एएनएम, नर्सिंग छात्र-छात्राओं और स्कूली बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विधायक ने आमजन से अपील की कि पोलियो जैसी गंभीर और अपंगता पैदा करने वाली बीमारी से बचाव के लिए 28 जून को अपने 5 वर्ष तक के बच्चों को नजदीकी बूथ पर ले जाकर पोलियो की खुराक जरूर पिलाएं।
अभियान का गणित और प्रशासनिक तैयारियां
जिले में इस बार 0 से 5 वर्ष तक के 3,46,177 बच्चों को दवा पिलाने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनीता सिंगारे और जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. नरेंद्र पवैया के अनुसार, इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं:
- पोलियो बूथ: जिले भर में 2538 बूथ बनाए गए हैं।
- टीकाकर्मी व पर्यवेक्षक: मैदान पर 5076 टीकाकर्मी और 254 पर्यवेक्षक तैनात रहेंगे।
- कोल्ड चेन व सामग्री: सभी विकासखंडों में कर्मचारियों की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है और वैक्सीन को सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड चेन प्रबंधन के साथ सामग्री केंद्रों तक भेज दी गई है।
- विशेष मोबाइल टीमें: कलेक्टर के निर्देश पर बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, धार्मिक स्थलों, मंडियों और ईंट भट्टों जैसे संवेदनशील इलाकों के लिए मोबाइल टीमें तैनात की गई हैं।
उल्लेखनीय है कि धार जिला पल्स पोलियो अभियान के पिछले सभी चरणों में शत-प्रतिशत से अधिक कवरेज हासिल करने का गौरवशाली रिकॉर्ड रख चुका है। प्रशासन की इस बार की माइक्रोप्लानिंग और मुस्तैदी को देखते हुए उम्मीद है कि जिला अपने इस पुराने बेहतरीन रिकॉर्ड को बरकरार रखेगा। जो बच्चे 28 जून को किन्हीं कारणों से बूथ तक नहीं पहुंच पाएंगे, उनके लिए स्वास्थ्य विभाग 29 और 30 जून को ‘घर-घर दस्तक’ (सर्च अभियान) देकर छूटे हुए बच्चों को कवर करेगा, ताकि जिले का कोई भी बच्चा इस सुरक्षा कवच से वंचित न रहे।
विशेष संदेश: “दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत रहे बरकरार”

