धार। मालवा की पावन धरा धार में इस वर्ष चातुर्मास की आराधना को ऐतिहासिक और भव्य बनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। स्थानीय पार्श्वनाथ जैन धर्मशाला में आयोजित श्री श्वेतांबर जैन मूर्तिपूजक श्री संघ की विशेष बैठक में भक्ति और उल्लास का माहौल देखा गया, जहां आगामी चातुर्मास को लेकर कई महत्वपूर्ण एवं बड़े निर्णय लिए गए।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी वर्षावास (चातुर्मास) की रूपरेखा तैयार करना और व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करना था। बैठक में सर्वसम्मति से समाज के सुश्रावक रोहित नाहर को चातुर्मास समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस वर्ष आचार्य भगवन बंधु युगल वाणी के जादूगर 400 पुस्तको के सृजक श्री जितरन्तसागर सूरीश्वर जी म.सा. , तपस्वीरत्न आ.भ.श्री चन्द्ररत्नसागरसूरीश्वर जी म.सा. की आज्ञा से आगमोधारक समुदायवर्ती प.पू.शिव-तिलक-मनोहर-इंदु-तीर्थ-गुणरत्ना श्री जी म.सा.की शिष्या प.पू. जितेशरत्ना श्रीजी म.सा.आदि ठाणा 4 का चातुर्मास धार श्री संघ में होना तय हुआ है। आगामी चातुर्मास को उल्लासपूर्वक एवं त्याग तप के साथ मनाने के लिए बैठक में बहुत सारे निर्णय लिये गये। आगामी 19 जुलाई को पूज्य साध्वी जी म.सा. का धार नगर में गाजे-बाजे और भव्य वरघोड़े के साथ मंगल प्रवेश कराया जाएगा। इस अवसर पर श्री संघ के अध्यक्ष प्रकाश बाफना, वर्धमान सुराना सहित समाज के सभी वरिष्ठ नागरिक और गणमान्य जन उपस्थित रहे। यह पूरी जानकारी पंकज जैन द्वारा साझा की गई है।
अध्यक्ष पद पर मनोनयन के बाद रोहित नाहर ने समाज के सभी वरिष्ठ सदस्यों और संपूर्ण समाज का आभार व्यक्त किया। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि हम सब मिलकर इस चातुर्मास में उत्कृष्ट धर्म आराधना करेंगे और इसे पूरी तरह सफल बनाएंगे। रोहित नाहर के मनोनयन से पूरे जैन समाज में हर्ष की लहर है। इस चातुर्मास के माध्यम से आने वाले दिनों में धार नगर में त्याग, तप और अध्यात्म का एक नया वातावरण निर्मित होगा, जो सामाजिक एकता और धार्मिक चेतना को और अधिक सुदृढ़ करेगा।
