मनोज को आत्महत्या के लिए उकसाने में मुख्य आरोपी था शुभम, 3 हजार का इनाम था घोषित
धार। जिले के सागौर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। युवक को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में पिछले काफी समय से फरार चल रहे 3,000 रुपए के इनामी और मुख्य आरोपी को पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए गिरफ्तार कर लिया है। मृतक ने अपने सुसाइड नोट में इस आरोपी समेत अपने ससुराल पक्ष के लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया था। पुलिस इस मामले में अन्य 5 आरोपियों को पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है।
यह पूरा मामला धार जिले के थाना सागौर की दिग्ठान पुलिस चौकी के अंतर्गत आने वाले ग्राम गुलवा का है। यहाँ रहने वाले मनोज (पिता गोकुल सोलंकी) ने बीती 12 मार्च 2026 को आत्महत्या कर ली थी। मृतक के पास से मिले सुसाइड नोट और परिजनों के बयानों के आधार पर पुलिस ने 6 मई 2026 को मामला दर्ज किया था। इसके बाद से ही मुख्य आरोपी शुभम (पिता बहादुरसिंह कछवाह), निवासी ग्राम मोथला (थाना बेटमा, जिला इंदौर) पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था, जिसे मुखबिर की सटीक सूचना पर शनिवार 27 जून को पुलिस टीम ने विधिवत गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधीक्षक धार द्वारा इस फरार आरोपी पर 3,000 रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में पीथमपुर, सागौर और दिग्ठान पुलिस की एक विशेष टीम बनाई गई थी। पुलिस ने आरोपी शुभम को गिरफ्तार करने के बाद धार के माननीय न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल धार भेज दिया गया है।
इस अंधे कत्ल जैसी गुत्थी और फरारी के मामले को सुलझाने में पीथमपुर थाना प्रभारी निरीक्षक सुनील शर्मा, सागौर थाना प्रभारी उप निरीक्षक प्रकाश सरोदे और दिग्ठान चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक ओमप्रकाश बड़ोनिया समेत पूरी टीम की महत्वपूर्ण और सराहनीय भूमिका रही। मुख्य आरोपी की इस गिरफ्तारी के बाद अब पीड़ित परिवार को पूरी तरह से न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ गई है, साथ ही क्षेत्र में कानून व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत होगा।
