भाई की मौत का बदला लेने भिंड से आई थी खतरनाक ‘गुलशन यादव गैंग’, दो महिलाओं सहित 11 गिरफ्तार
इंदौर। इंदौर के लसूड़िया में पिछले महीने हुए बहुचर्चित और रोंगटे खड़े कर देने वाले अभि उर्फ अभितेंद्र तोमर हत्याकांड का इंदौर पुलिस ने पूरी तरह से भंडाफोड़ कर दिया है। भिंड की एक बेहद खतरनाक और पेशेवर ‘गुलशन यादव गैंग’ ने अपने भाई की हत्या का बदला लेने के लिए सरेराह इस खूनी वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के कड़े निर्देशों के बाद गठित एसआईटी ने न सिर्फ इस हत्याकांड के मुख्य शूटरों और मास्टरमाइंड को दबोचा है, बल्कि उन्हें फरारी के दौरान शरण देने वाले मददगारों को भी सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
यह सनसनीखेज वारदात बीते 21 मई 2026 की रात करीब 10:30 बजे इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र के अंतर्गत गुलाब बाग पेट्रोल पंप के सामने हुई थी। यहाँ भिंड के रहने वाले अभि उर्फ अभितेंद्र तोमर की पुरानी रंजिश के चलते घात लगाकर बैठे बदमाशों ने सरेराह गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिए एडिशनल कमिश्नर मयंक अवस्थी और डीसीपी अमन सिंह राठौर के नेतृत्व में पुलिस की 4-5 विशेष टीमों का गठन किया गया था। पुलिस टीमों ने लगातार एक महीने तक दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, ग्वालियर और अन्य क्षेत्रों में दबिश देकर इस पूरी साजिश को बेनकाब किया।
अग्रिम जमानत की अर्जी लगाने में पकड़ाया गुलशन
हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता और मास्टरमाइंड गुलशन यादव (जिस पर 20,000 रुपए का इनाम घोषित था) घटना के बाद से लगातार पुलिस को छका रहा था। वह पुलिस से बचने के लिए अहमदाबाद भागा और फिर वहाँ से सीधे रामेश्वरम (तमिलनाडु) की तरफ निकल गया था। साइबर सेल की तकनीकी मदद और मुखबिर से पुलिस को सूचना मिली कि वह अपनी अग्रिम जमानत की अर्जी लगाने के सिलसिले में वकीलों से बात करने विजयनगर इलाके में आने वाला है। पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।

इस मामले में पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता सहित कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें दो श्रेणियों में देखा जा सकता है:
- मुख्य शूटर और आरोपी: गुलशन यादव (मास्टरमाइंड), पीयूष उर्फ दद्दु (गुर्जर), सत्यबीर (सत्ते) उर्फ मौर्य, चंद्रकांत उर्फ डीलू लहरिया और गौरव जाटव।
- मददगार और शरणदाता: हत्यारों को वित्तीय मदद देने, छुपाने और गाड़ी मुहैया कराने वाले 6 अन्य करीबियों को भी गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं। इनके नाम नरेश जाटव, भानु गुर्जर, गौरव मौर्य, तुलसीराम, राजेंद्र शर्मा और प्रीति लहरिया हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक बुलेट मोटरसाइकिल, एक 315 बोर बंदूक और दो देसी कट्टे ज़ब्त किए हैं।
इस हत्याकांड की जड़ें भिंड में हुई एक पुरानी हत्या से जुड़ी हैं। पूछताछ में मुख्य आरोपी गुलशन यादव ने कुबूला कि मृतक अभितेन्द्र तोमर ने भिंड में उसके भाई विष्णु यादव की हत्या की थी। जब अभितेन्द्र इस मामले में जमानत पर बाहर आया, तो गुलशन ने अपने भाई की मौत का बदला लेने के लिए अपने साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या की यह खौफनाक योजना बनाई।
पकड़े गए बदमाशों का क्रिमिनल रिकॉर्ड बेहद डरावना है। मुख्य सरगना गुलशन यादव पर अकेले भिंड और अन्य जिलों में हत्या, लूट, डकैती और आर्म्स एक्ट के 26 संगीन मामले दर्ज हैं। वहीं शूटर डीलू लहरिया पर 12 और गौरव जाटव पर 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं। डीसीपी (जोन-2) अमन सिंह राठौर के अनुसार, पुलिस अब इन सभी आरोपियों को कोर्ट से रिमांड पर लेकर वारदात में इस्तेमाल की गई स्पलेंडर मोटरसाइकिल की बरामदगी का प्रयास कर रही है, जिससे मामले के कानूनी पक्ष को और मजबूत किया जा सके।
