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लापरवाह पटवारियों पर गिरेगी गाज, PHED को फटकार

कलेक्टर की दो टूक- 30 दिन से ज़्यादा लटके राजस्व मामले तो होगी कार्रवाई

धार। सरकारी दफ्तरों में फाइलों को दबाकर बैठने वाले अफसरों और पटवारियों की अब खैर नहीं है। सोमवार को कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि 30 दिन से अधिक समय तक नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे राजस्व मामलों को लटकाने वाले पटवारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर ने बदनावर क्षेत्र में सीमांकन के सबसे ज्यादा पेंडिंग मामले मिलने पर गहरी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को समय रहते इन्हें निपटाने के कड़े निर्देश दिए।

PHED की लापरवाही पर भड़के कलेक्टर, पंचायतों की डेली मॉनिटरिंग के निर्देश

बैठक में सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लंबित शिकायतों की विभागवार समीक्षा की गई। इस दौरान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत पेयजल से जुड़ी शिकायतों के निराकरण में बड़ी लापरवाही सामने आई। इस पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए अफसरों को फटकार लगाई और शिकायतों का गंभीरता से निपटारा करने को कहा।

  • 50 दिन का अल्टीमेटम: सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि 50 दिनों से ज्यादा समय से अटकी शिकायतों को दूर करने के लिए टारगेट सेट करें।
  • पंचायतों की मॉनिटरिंग: लोक सेवा गारंटी के तहत समय-सीमा से बाहर हो चुके मामलों (विशेषकर पंचायतों से जुड़े) का तत्काल निपटारा करने और इनकी डेली मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।

बाग क्षेत्र में खराब परफॉर्मेंस, एएनसी पंजीयन बढ़ाने के निर्देश

बैठक में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान और स्वास्थ्य संकेतकों की भी समीक्षा हुई। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि बाग क्षेत्र में एएनसी (प्रसव पूर्व जांच) पंजीयन सबसे कम है।

कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और सभी एसडीएम को इस अभियान में ज्यादा से ज्यादा जनसहभागिता जोड़ने के निर्देश दिए। जो डिलीवरी सेंटर फिलहाल बंद या अक्रियाशील हैं, उन्हें तुरंत चालू करने को कहा गया।

बाग क्षेत्र के लिए निर्देश दिए गए कि आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से रेगुलर मॉनिटरिंग की जाए और शुरुआती स्टेज में ही गर्भावस्था का चिन्हांकन हो। कलेक्टर ने सीवियर एनीमिया, मातृ मृत्यु दर (MMR) और शिशु मृत्यु दर (IMR) जैसे गंभीर स्वास्थ्य मानकों की लगातार निगरानी करने की हिदायत दी।

मोहर्रम पर कानून व्यवस्था के लिए थपथपाई पीठ

एक तरफ जहां कलेक्टर ने लापरवाही पर क्लास ली, वहीं दूसरी तरफ मोहर्रम पर्व के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिकारियों द्वारा किए गए कामों की सराहना भी की और उन्हें बधाई दी।

इसके अलावा बैठक में इन प्रमुख एजेंडों पर फोकस रहा:

  1. प्राथमिकता वाले मामले: फॉर्मर रजिस्ट्री, एनवीडीए, पीएम व सीएम प्रगति और धारणाधिकार से जुड़े पेंडिंग मामलों को प्रायोरिटी पर निपटाने के निर्देश।
  2. अपूर्ण कार्यों का हिसाब: अपार आईडी, पांडुलिपि सर्वेक्षण, खाद वितरण, सीएम मॉनिट से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए सभी विभागों से अधूरे कामों की लिस्ट कारणों सहित मांगी गई है।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक चौधरी, अपर कलेक्टर संजीव केशव पाण्डेय सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तर के अधिकारी उपस्थित थे।

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