धार के युवा सीखेंगे और सिखाएंगे ‘सेफ क्लिक 2.0’ के गुर
धार। आज के डिजिटल युग में जहाँ एक क्लिक आपको दुनिया से जोड़ता है, वहीं एक गलत क्लिक आपको साइबर ठगी का शिकार भी बना सकता है। इसी डिजिटल परिवेश को सुरक्षित करने और युवाओं को साइबर अपराधों के खिलाफ एक मजबूत ढाल बनाने के लिए धार जिले में एक विशेष पहल की गई है। यहाँ के युवा अब आम नागरिकों को ऑनलाइन फ्रॉड से बचाने के लिए ‘साइबर एंबेसडर’ की भूमिका में नजर आएंगे।
युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय (भारत सरकार) के ‘मेरा युवा भारत’ अभियान के अंतर्गत धार जिले के यातायात थाना परिसर में ‘साइबर सिक्योरिटी सेफ क्लिक 2.0’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष अनुभवात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुलिस विभाग के सहयोग से ‘माय भारत’ के 13 ब्लॉकों से आए 26 स्वयंसेवकों (वॉलंटियर्स) को साइबर सुरक्षा के व्यावहारिक गुर सिखाए गए। इस दौरान जिला युवा अधिकारी दीर्घा राजावत, यातायात थाना प्रभारी प्रेम सिंह ठाकुर सहित जिला पुलिस के साइबर विशेषज्ञ विजय सिंह भाटी, मुकेश डावर और तरुण बैस मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए जिला युवा अधिकारी दीर्घा राजावत ने बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य लक्ष्य युवाओं को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना और उन्हें तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है, ताकि वे अपने डिजिटल परिवेश को सुरक्षित रख सकें।
जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचने का बड़ा सुरक्षा कवच
प्रशिक्षण के दौरान यातायात थाना प्रभारी प्रेम सिंह ठाकुर ने साइबर अपराधों के बदलते स्वरूपों के बारे में युवाओं को विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचने का सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है, और ‘माय भारत’ के युवा इस अभियान को जन-जन तक पहुँचाने में एक मजबूत सेतु के रूप में कार्य करेंगे।
प्रशिक्षण सत्र में जिला पुलिस के साइबर विशेषज्ञ विजय सिंह भाटी, मुकेश डावर एवं तरुण बैस ने युवाओं को साइबर ठगी, सोशल मीडिया फ्रॉड, फिशिंग और डिजिटल अपराधों से बचाव के व्यावहारिक तरीके समझाए। इस महत्वपूर्ण आयोजन में ‘माय भारत’ की लेखा एवं कार्यक्रम सहायक किरन यादव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के ब्लॉक समन्वयक अनिरुद्ध चावड़ा, अमित भगोरे और सुमित भी शामिल हुए।
इस प्रशिक्षण को प्राप्त करने के पश्चात, ये 26 वॉलंटियर्स जिले के सभी ब्लॉकों में ‘साइबर एंबेसडर’ के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे। आने वाले समय में ये युवा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के नागरिकों के बीच जाकर उन्हें ‘सेफ क्लिक’ के प्रति जागरूक करेंगे, जिससे जमीनी स्तर पर साइबर अपराधों को रोकने में मदद मिलेगी।
