कमिश्नर ने किया पॉली हाउस का दौरा, किसानों को ट्रेनिंग के लिए महाराष्ट्र भेजने के निर्देश
धार। धार जिले के बदनावर विकासखंड के खेत अब सिर्फ पारंपरिक फसलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यहाँ पॉली हाउस और आधुनिक तकनीक के दम पर किसान कश्मीरी गुलाब, लिथियन्सन और ब्लूबेरी जैसी ‘हाई-वैल्यू’ फसलें उगाकर कृषि क्षेत्र में नई इबारत लिख रहे हैं। किसानों के इसी हौसले और नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रशासनिक अमला सीधे उनके खेतों तक पहुँचा।
इंदौर संभाग के आयुक्त (कमिश्नर) डॉ. सुदाम खाड़े ने गुरुवार को धार जिले के बदनावर विकासखंड का सघन दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम रूपाखेड़ा, नाहरखेड़ा और तिलगारा में स्थापित पॉली हाउस और शेडनेट हाउस का बारीकी से निरीक्षण किया। भ्रमण के दौरान कमिश्नर के साथ धार कलेक्टर राजीव रंजन मीना, संयुक्त संचालक उद्यान दयाराम जाटव और उप संचालक उद्यानिकी विभाग नीरज सवालिया सहित कई विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान मौजूद रहे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में किए जा रहे कृषि नवाचारों और उन्नत तकनीकों का अवलोकन करना तथा कृषकों को बढ़ावा देना था।
फसलों के लिए कोल्ड रूम उपलब्धता के निर्देश
उद्यानिकी विभाग के उप संचालक नीरज सवालिया ने निरीक्षण के दौरान बताया कि जिले में इस समय लगभग 1,86,589 वर्ग मीटर क्षेत्र में पॉलीहाउस स्थापित हो चुके हैं, जिसका सीधा लाभ 75 से अधिक प्रगतिशील किसान उठा रहे हैं। खेतों में जरबेरा, जिप्सोफिला, गुलाब और ब्लूबेरी की शानदार फसल देखकर संभाग आयुक्त ने किसानों से सीधा संवाद किया। उन्होंने पुष्प उत्पादक किसानों की सहूलियत के लिए एफपीओ के गठन और फसलों को सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड रूम जैसी भंडारण सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
विशेष ट्रेनिंग के निर्देश
किसानों की क्षमता वर्धन और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए कमिश्नर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यहाँ के किसानों को जल प्रबंधन और टिशू कल्चर लैब के विशेष प्रशिक्षण के लिए जलगांव, महाराष्ट्र भेजा जाए।
ब्लूबेरी की खेती के लिए अनुदान की मांग
इस दौरान क्षेत्र के किसानों ने ब्लूबेरी की खेती के लिए सरकारी अनुदान की मांग की। साथ ही अपनी सिंचाई व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए एनवीडीए पाइपलाइन के विस्तार की बात भी प्रशासन के सामने रखी, जिस पर कमिश्नर द्वारा सकारात्मक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया गया है।
आने वाले समय में महाराष्ट्र से मिलने वाली आधुनिक ट्रेनिंग और एनवीडीए पाइपलाइन के संभावित विस्तार से धार जिले में हाई-टेक खेती का दायरा और बढ़ेगा। एफपीओ के गठन और कोल्ड रूम जैसी सुविधाओं से स्थानीय स्तर पर ही किसानों को बेहतर बाजार और भंडारण की व्यवस्था मिल सकेगी, जिससे क्षेत्र के अन्य किसान भी पारंपरिक खेती छोड़कर इस तरह की ‘हाई-वैल्यू’ फसलों की ओर आकर्षित होंगे।

