ओड़िशा की शिल्पकला से सजे मांडवगढ़ जिनालय की प्रतिष्ठा 18 को
धार। पंचपादरा रिफाइनरी के भव्य उद्घाटन समारोह के दौरान एक विशेष और ऐतिहासिक पल देखा गया। इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय आयोजन में मांडवगढ़, अमीझरा और नाकोड़ाजी जैसे देश के प्रसिद्ध जैन तीर्थों के अध्यक्ष और जीरावला तीर्थ के उपाध्यक्ष रमेश मुथा को विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। रिफाइनरी के सभागार में जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगमन हुआ, वहां मौजूद देश और राज्य की शीर्ष हस्तियों के साथ रमेश मुथा ने भी प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत और अभिवादन किया।
मांडवगढ़ महातीर्थ के ट्रस्टी और नवरत्न परिवार के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण गुप्ता द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, राजस्थान के पंचपादरा में आयोजित इस रिफाइनरी उद्घाटन समारोह में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, राज्य के कई मंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सहित अनेक विशिष्ट जन उपस्थित थे। इसी गरिमामयी उपस्थिति के बीच रमेश मुथा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी का स्वागत कर जैन समाज और तीर्थों की ओर से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
भव्य जिनालय का निर्माण कार्य जारी
मुथा के कुशल नेतृत्व में इस समय मांडवगढ़ महातीर्थ और अमीझरा महातीर्थ में करोड़ों रुपये की लागत से बेहद खूबसूरत और नयनाभिराम जिनालयों (जैन मंदिरों) का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसमें से मांडवगढ़ जिनालय का कार्य अब अपने अंतिम चरण में है।
- प्रेरणा और परिकल्पना: इस पंचशिखरिय जिनालय के निर्माण की प्रेरणा परम पूज्य आचार्य भगवंत श्री अशोकसागर सुरीश्वरजी म.सा. ने दी है, जबकि इसकी अनूठी परिकल्पना परम पूज्य आचार्य भगवंत श्री सौम्यचंद्रसागर सुरीश्वरजी म.सा. द्वारा की गई है।
- शिल्पकला की विशेषता: इस दो मंजिला जिनालय की सबसे बड़ी खूबी इसका स्तंभरहित (बिना खंभों वाला) रंगमंडप है, जो इसकी भव्यता को कई गुना बढ़ा देता है। इस मंदिर की अद्भुत शिल्पकला को तराशने का काम ओडिशा के विशेष कलाकारों द्वारा किया जा रहा है।
जिनालय प्रतिष्ठा आगामी 18 फरवरी को
इस ऐतिहासिक मंदिर की प्रतिष्ठा देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ा उत्सव बनने जा रही है। जिनालय प्रतिष्ठा आगामी 18 फरवरी 2027 (गुरुवार) को शुभ मुहूर्त में संपन्न होगी। इस महोत्सव में जिनशासन के कई बड़े भामाशाह (दानदाता), देश की विशिष्ट राजनीतिक हस्तियां और हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।
इस भव्य प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियां अभी से शुरू हो चुकी हैं। इसी सिलसिले में, प्रतिष्ठा से जुड़े जाजम और चढ़ावे के कार्यक्रम आगामी 16 अगस्त (रविवार) को मुंबई के विले पार्ले (ईस्ट) संघ में आयोजित किए जाएंगे। यह कार्यक्रम मुंबई में चातुर्मास के लिए विराजमान कई पूज्य साधु-संतों की पावन निश्रा (उपस्थिति) में संपन्न होगा, जिससे आने वाले समय में देश के जैन समाज में इस महोत्सव को लेकर उत्साह और अधिक बढ़ने की उम्मीद है।
