कोतवाली पुलिस ने 24 घंटे में सुलझाई वारदात, 4.38 लाख बरामद
नाबालिग सहित 2 आरोपी पुलिस गिरफ्त में
धार। जिस घर में काम करने का भरोसा दिया, उसी की चौखट लांघकर लाखों रुपये की नकदी पर हाथ साफ कर दिया गया। डायमंड कॉलोनी में हुई दिनदहाड़े चोरी की सनसनीखेज वारदात को कोतवाली पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी कैमरों की मदद से महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। पुलिस ने मामले में एक युवक को गिरफ्तार करने के साथ ही एक विधि-विरुद्ध बालक (नाबालिग) को अभिरक्षा में लेकर चोरी गई पूरी रकम शत-प्रतिशत बरामद कर ली है।
घटना गुरुवार, 1 अक्टूबर की दोपहर करीब 2:00 बजे डायमंड कॉलोनी निवासी मोइन पिता फैजान के मकान में हुई। अज्ञात चोर ने सूने घर में घुसकर अलमारी का लॉकर तोड़ा और उसमें रखे 4,38,200 रुपए नकद पार कर दिए। फरियादी की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने अपराध क्रमांक 593/2026, धारा 331(3) व 305(1) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर एवं सीएसपी शशांक सिंह गुर्जर के निर्देश पर गठित टीम ने तत्काल जांच शुरू की।
सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद पुलिस ने मालीवाड़ (छत्री, धार) निवासी 25 वर्षीय शिवा पिता देवी सिंह को गिरफ्तार किया और उसके नाबालिग साथी को संरक्षण में लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि नाबालिग लड़का फरियादी के घर सोलर पैनल लगाने के काम से आया था। मौका पाते ही उसने अलमारी का ताला तोड़कर 4,38,200 रुपए चुराए और रकम अपने साथी शिवा को सौंप दी। पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर शत-प्रतिशत राशि जब्त कर ली है।
कार्रवाई में निरीक्षक ईश्वर सिंह चौहान, उपनिरीक्षक नरपत सिंह ठाकुर, उपनिरीक्षक अतुल जोशी, उपनिरीक्षक जगदीश चौहान, प्रधान आरक्षक अजय सिंह चौहान, प्रधान आरक्षक अरविंद चौहान, प्रधान आरक्षक रुपेश जाट, प्रधान आरक्षक मितेश, प्रधान आरक्षक ईडू सिंह, आरक्षक रामनरेश यादव, आरक्षक राममूर्ति एवं आरक्षक संजय की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही।
घर में काम के सिलसिले से आने वाले बाहरी कामगारों द्वारा की गई यह वारदात सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा सबक है। पुलिस की इस त्वरित रिकवरी से क्षेत्रवासियों को राहत मिली है, वहीं अधिकारियों का कहना है कि घरों में काम करने आने वाले कर्मचारियों और श्रमिकों का पुलिस सत्यापन (वेरिफिकेशन) न कराना ऐसी घटनाओं का मुख्य कारण बनता है। पुलिस अब नागरिकों से घरेलू व तकनीकी कामगारों की पहचान पहले जांचने की अपील पर जोर दे रही है।
