इंदौर ले जाने के बहाने हत्या कर गड्ढे में फेंकी लाश, बाइक और मोबाइल जब्त
धार। जिले की कोतवाली पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक अज्ञात महिला की अंधी हत्या की गुत्थी को महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। शादी का दबाव बनाने से परेशान होकर एक प्रेमी ने अपनी ही प्रेमिका को मौत के घाट उतार दिया और शव को पानी से भरे गड्ढे में फेंक कर फरार हो गया था। पुलिस ने न केवल मृतिका की शिनाख्त की, बल्कि मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
यह सनसनीखेज मामला धार जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र का है, जहां 10 जुलाई को पुलिस को कृषि फार्म के पास सड़क किनारे पानी से भरे गड्ढे में एक अज्ञात महिला का शव मिला था। पुलिस की जांच में मृतिका की पहचान 45 वर्षीय मंजुबाई (निवासी ग्राम लेबड़, पीथमपुर) के रूप में हुई। तफ्तीश में सामने आया कि 9 जुलाई को नालछा क्षेत्र का रहने वाला आरोपी रमेश उर्फ दुबलिया, मृतिका को इंदौर में कटलरी का सामान दिलाने के बहाने अपनी मोटरसाइकिल पर ले गया था, जिसके बाद उसने इस वारदात को अंजाम दिया।
प्रेम प्रसंग और हत्या की पूरी इनसाइड स्टोरी
पुलिस द्वारा मृतिका के परिजनों और गवाहों से की गई पूछताछ में यह बात सामने आई कि मृतिका मंजुबाई और आरोपी रमेश के बीच पिछले कुछ समय से प्रेम संबंध थे। मंजुबाई लगातार रमेश पर शादी करने का दबाव बना रही थी, जिससे पीछा छुड़ाने के लिए आरोपी ने हत्या की साजिश रची।
प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 11 जुलाई शनिवार को आरोपी रमेश उर्फ दुबलिया को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई हीरो स्प्लेंडर एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल और मृतिका का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है।
इनका रहा सराहनीय योगदान
उक्त सराहनीय कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक ईश्वर सिंह चौहान, उपनिरीक्षक अशोक लहरी, एएसआई अनिल डावर, एएसआई दीप चंदेल, प्रधान आरक्षक धर्मेंद्र तोमर, प्रधान आरक्षक सुनील यादव, प्रधान आरक्षक अजय सिंह चौहान, प्रधान आरक्षक अरविंद चौहान, प्रधान आरक्षक अरविंद, आरक्षक रामनरेश यादव, आरक्षक राममूर्ति रावत तथा क्राइम ब्रांच धार से उपनिरीक्षक प्रशांत गुंजाल एवं साइबर सेल टीम की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही।
वर्तमान में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला (अपराध क्रमांक 377/2026) दर्ज कर लिया है। पुलिस अब रिमांड के दौरान आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि हत्या के पीछे के वास्तविक कारणों और घटनाक्रम से जुड़े अन्य कड़ियों की विस्तृत कानूनी जांच पूरी कर कोर्ट में मजबूत चार्जशीट पेश की जा सके।
