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मिलावटखोरों पर कसा शिकंजा : 9 प्रतिष्ठानों पर छापे, भोपाल लैब भेजे गए दूध और मावे के सैंपल

कलेक्टर के निर्देश पर मिलावटखोरों के खिलाफ कड़ा रुख

​धार। जिले में जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ जिला प्रशासन का सख्त रुख बरकरार है। औचक निरीक्षण और त्वरित कार्रवाई के इस सिलसिले ने जिले भर के खाद्य कारोबारियों में हड़कंप मचा दिया है।

​खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने 27 और 28 जुलाई 2026 को सरदारपुर तथा बदनावर तहसीलों के शहरी व ग्रामीण इलाकों में सघन जांच अभियान चलाया। कलेक्टर राजीव रंजन मीना के निर्देश और आयुक्त खाद्य सुरक्षा मध्य प्रदेश के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। अभिहित अधिकारी सचिन लौगरिया के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी आरजी मउटा और सुभाष खेड़कर ने कुल 09 कारोबारियों के यहाँ से शंका के आधार पर 16 विधिक नमूने एकत्र किए।

​निरीक्षण के दौरान ग्राम बरमंडल (सरदारपुर) में स्थित ‘रामधुन दुध डेयरी’ के पास वैध खाद्य लाइसेंस नहीं मिलने पर उसे तत्काल प्रभाव से बंद करवा दिया गया। यहाँ के दूध कलेक्शन टैंक और बीएमसी टैंक से मिश्रित दूध (लूज) के नमूने लिए गए। इसके अलावा:

  • सरदारपुर क्षेत्र : दुग्ध समिति संस्था मर्यादित से मिश्रित दूध तथा ग्राम लाबरिया स्थित ‘शिवम दुध डेयरी’ से पनीर व मिश्रित दूध के नमूने लिए गए।
  • बदनावर क्षेत्र : बस स्टैंड स्थित ‘ऋषभ दुध डेयरी’ से भैंस का दूध व पनीर, ‘नाना भाई के नमकीन एंड स्वीट्स’ से केसर बर्फी, ‘माही दुध डेयरी’ से पनीर व ‘सात्विक फ्रेश देशी घी’ (5 किग्रा पैक) तथा शिक्षक कॉलोनी स्थित ‘कामधेनू दुध डेयरी एंड बेकरी’ से दही व मिश्रित दूध के नमूने जांचे गए।
  • अन्य प्रतिष्ठान : छोकला टोल टैक्स के पास स्थित ‘जय श्री महाकाल रेस्टोरेंट’ और ‘न्यू महाकाल रेस्टोरेंट’ से मावा, पनीर और जीरा मसाला सोडा के सैंपल लिए गए।

​संग्रहित किए गए सभी 16 विधिक नमूनों को परीक्षण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेज दिया गया है। लैब से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 (FSSAI) के कड़े प्रावधानों के तहत संबंधित कारोबारियों पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

​इसके साथ ही, चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला द्वारा 27 जुलाई को मांगोद में 6 फर्मों से 30 नमूने और 28 जुलाई को बदनावर में विभिन्न फर्मों से 31 नमूने मौके पर जांचे गए। इनमें से 4 नमूने अवमानक पाए जाने पर तुरंत विधिक कार्रवाई शुरू की गई। प्रशासन के इस निरंतर जारी अभियान से आने वाले दिनों में मिलावटखोरी पर प्रभावी अंकुश लगने और शुद्ध खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित होने की उम्मीद है।

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