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धार में मिलावटखोरों पर बड़ा एक्शन : 307 लीटर संदिग्ध घी और बिना एक्सपायरी का 88 किलो फैट जब्त

धार की डेरियों व दुकानों से लिए गए सैंपल, भोपाल भेजे गए नमूने

धार। अगर आप बाज़ार से घी, पनीर या मिठाइयाँ खरीद रहे हैं, तो ज़रा सावधान हो जाइए! ज़िले में मिलावटखोरों और अमानक खाद्य सामग्री बेचने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

​कलेक्टर राजीव रंजन मीना के निर्देश और आयुक्त खाद्य सुरक्षा, मध्यप्रदेश के आदेश पर खाद्य सुरक्षा प्रशासन के दल ने 31 जुलाई शुक्रवार को ग्राम गुजरी (तहसील धरमपुरी) स्थित ‘महेश्वरी ट्रेडर्स’ पर छापा मारा। अभिहित अधिकारी सचिन लौगरिया, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी निर्मला सोमकुंवर, खाद्य सुरक्षा अधिकारी आरजी माऊटा और सुभाष खेडकर की टीम ने कार्रवाई करते हुए मौके से 1,54,482 रुपये कीमत का 307 लीटर संदिग्ध श्रीमूल ब्रांड घी और 39,180 रुपये मूल्य का 88 किलो प्रभूजी ब्रांड इंटरएस्टरीफाइड फैट जब्त किया (जिस पर एक्सपायरी तिथि दर्ज नहीं थी)।

​अभियान के दौरान ज़िले के अन्य इलाकों में भी ताबड़तोड़ नमूनों की जब्ती की गई:

  • ग्राम लेबड़: जय महाकाल डेयरी से मिश्रित दूध और सांवरिया डेयरी से मिश्रित दूध व घी।
  • घाटाबिल्लौद: श्रीहरि डेयरी से पनीर, महाकाल डेयरी से घी व दही और बालाजी इंटरप्राइजेस से अरिहंत ब्रांड घी।
  • धार (शिकायत के आधार पर): बम-बम स्वीट्स से मलाई बर्फी, शक्कर बूरा और कोकोनट पाउडर।

​जब्त किए गए सभी नमूनों को परीक्षण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेज दिया गया है।

​इसके साथ ही, 30 जुलाई को चलित खाद्य प्रयोगशाला द्वारा शासकीय माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर, शासकीय आदर्श आवासीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मांडव रोड तथा शासकीय नवीन हाईस्कूल धरावरा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसमें विद्यार्थियों को खाद्य पदार्थों में मिलावट पहचानने के तरीके, FSSAI लोगो, बैच नंबर और एक्सपायरी डेट चेक करने के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही, शहर के होटल, रेस्टोरेंट और डेयरी संचालकों को वर्षा ऋतु में स्वच्छता रखने, खाद्य तेल का तीन बार से अधिक उपयोग न करने, कृत्रिम रंग या कार्बाइड का इस्तेमाल न करने की सख्त हिदायत दी गई।

​भोपाल स्थित राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला से जाँच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद, दोषी विक्रेताओं और निर्माताओं के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के कड़े प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग की इस सख्त कार्रवाई से ज़िले में अमानक और सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों पर अंकुश लगने की उम्मीद है।

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