स्मार्ट क्लासरूम से जुड़े कलेक्टर, 10वीं के छात्रों को मिला लाइव पढ़ाई का तोहफा
धार। ब्लैकबोर्ड और चाक-डस्टर के पारंपरिक दौर को पीछे छोड़ते हुए धार जिले के सरकारी स्कूल अब डिजिटल क्रांति की नई राह पर चल पड़े हैं। कलेक्टर राजीव रंजन मीना की इस अभिनव पहल से अब विशेषज्ञ शिक्षक स्मार्ट टीवी और वेबकैम के जरिए सीधे ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों के बच्चों को पढ़ा सकेंगे, जिससे कठिन विषयों की पढ़ाई अब और आसान हो जाएगी।
सोमवार 3 अगस्त को धार जिले में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 36 स्मार्ट क्लासरूम वाले विद्यालयों को वेबकैम और इंटरएक्टिव पैनल से जोड़कर कक्षा 10वीं के गणित विषय की पहली लाइव इंटरएक्टिव कक्षा आयोजित की गई। इस दौरान कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने स्वयं ऑनलाइन जुड़कर विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया और उनसे तकनीक आधारित पढ़ाई व गणित की समझ पर चर्चा की। इस विशेष आयोजन में जिला शिक्षा अधिकारी पुष्पेंद्र सस्तीया और डाइट प्राचार्य मनोज शुक्ला भी मौजूद रहे।
बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए किया प्रेरित
कलेक्टर ने छात्रों को तकनीक का सही उपयोग कर बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। इस व्यवस्था के माध्यम से विशेष रूप से गणित और अंग्रेजी जैसे कठिन विषयों के अध्यायों पर विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा रिमेडियल (उपचारात्मक) कक्षाएं ली जाएंगी, जिससे छात्र अपनी शंकाओं का तुरंत समाधान पा सकेंगे।

वर्तमान में जिले के 102 स्मार्ट क्लासरूम में से 36 में यह व्यवस्था शुरू हो चुकी है। जिला प्रशासन की योजना आगामी समय में सभी 102 स्मार्ट स्कूलों को इस प्रणाली से जोड़ने की है। इसके साथ ही शिक्षकों को चरणबद्ध तरीके से ओरिएंटेशन दिया जाएगा ताकि वे इस तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल कर सकें। प्रशासन को उम्मीद है कि इस डिजिटल सुधार से आने वाले समय में जिले की माध्यमिक और उच्च माध्यमिक बोर्ड परीक्षाओं के नतीजों में गुणात्मक सुधार देखने को मिलेगा।
