न्याय की मांग को लेकर 28 गांवों के सिर्वी समाज का प्रदर्शन, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, बुलडोजर कार्रवाई और एनएसए की मांग
धार। पीट-पीटकर की गई एक निर्मम हत्या और सोशल मीडिया पर वायरल होते दिल दहला देने वाले वीडियो… इस जघन्य अपराध ने न केवल एक परिवार को बल्कि पूरे सिर्वी समाज और सरदारपुर क्षेत्र को गहरे आक्रोश में धकेल दिया है। न्याय की गूंज और हत्यारों को फांसी की सजा दिलाने की मांग के साथ सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए हैं।
मंगलवार को धार जिले के सरदारपुर क्षेत्र के 28 गांवों से आए सिर्वी समाजजनों एवं सिर्वी सकल पंच धुलेट, क्षत्रिय सिर्वी समाज राजगढ़ ट्रस्ट और अखिल भारतीय सिर्वी महासभा मप्र ने ग्राम धुलेट निवासी हरिराम गहलोत की नृशंस हत्या के विरोध में एक विशाल प्रदर्शन किया। समाजजनों ने दो पहिया वाहनों से रैली निकालकर नगर भ्रमण किया और कोर्ट रोड स्थित अंबेडकर चौराहे से पदयात्रा करते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे। यहाँ उन्होंने एसडीएम अजमेर सिंह गौड़ एवं विधायक प्रताप ग्रेवाल को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान लोग देवा सिंगार और उसके साथियों (नामजद आरोपियों) के खिलाफ नारेबाजी करते हुए “हरिराम के हत्यारे को फांसी दो” की मांग कर रहे थे।
ज्ञापन में की गईं प्रमुख माँगें
ज्ञापन के माध्यम से समाज ने शासन-प्रशासन के सामने निम्नलिखित माँगें रखी हैं:
- फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई : प्रकरण की जांच वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में समयबद्ध तरीके से पूरी कर शीघ्र चालान प्रस्तुत किया जाए और फास्ट ट्रैक कोर्ट में केस चलाकर दोषियों को कठोरतम सजा दी जाए।
- बुलडोजर कार्रवाई : आरोपियों के किसी भी अवैध निर्माण या अतिक्रमण की जांच कर उसे तत्काल ध्वस्त किया जाए।
- कड़े कानून के तहत कार्रवाई : आरोपियों के आपराधिक इतिहास को देखते हुए उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) और मप्र राज्य सुरक्षा अधिनियम (गुंडा एक्ट) के तहत कार्रवाई हो।
- संरक्षण देने वालों पर शिकंजा : साक्ष्य छिपाने या आरोपियों को संरक्षण देने वाले हर व्यक्ति पर सख्त वैधानिक कार्रवाई हो।
- पीड़ित परिवार को सहायता : पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता, सुरक्षा और शासकीय योजनाओं का लाभ तुरंत दिया जाए।
इस जघन्य हत्याकांड ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सिर्वी समाज ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि नामजद आरोपियों और उनके मददगारों के खिलाफ त्वरित एवं कठोरतम कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो सम्पूर्ण समाज लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। क्षेत्र में शांति बनाए रखने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए असामाजिक तत्वों के खिलाफ विशेष पुलिस अभियान चलाने की आवश्यकता जताई जा रही है।

