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इंदौर ननि के सहायक राजस्व अधिकारी के ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा : आय से 216% अधिक अनुपातहीन संपत्ति का खुलासा

इंदौर। 31 साल की सरकारी सेवा में जितना कुल वेतन मिला, उससे कहीं अधिक कीमत के आलीशान मकान और हॉस्टल खड़े कर लिए गए। भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी मुहिम के तहत लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने शुक्रवार को नगर पालिक निगम इंदौर के एक सहायक राजस्व अधिकारी (ARO) के ठिकानों पर एक साथ छापा मारते हुए करोड़ों की अनुपातहीन संपत्ति का पर्दाफाश किया है।

दो ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई

लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश और पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के नेतृत्व में लोकायुक्त इंदौर संभाग की टीम ने 14 अगस्त शुक्रवार को इंदौर में यह सर्च कार्यवाही की। कार्रवाई के दायरे में नगर पालिक निगम इंदौर के सहायक राजस्व अधिकारी जितेन्द्र कुमार पाण्डेय (निवासी: 23, आनंद नगर एक्सटेंशन, नवलखा चितावद) आए हैं। गुप्त सूचना के आधार पर डीएसपी सुनील तालान, डीएसपी आनंद चौहान, निरीक्षक आशुतोष मिठास और निरीक्षक सचिन पटेरिया की टीम ने आरोपी अधिकारी के दो अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ दबिश दी।

जांच में सामने आई अनुपातहीन संपत्ति का ब्योरा

  • आलीशान 4 मंजिला भवन : आरोपी द्वारा अपनी पत्नी के नाम से आनंद नगर एक्सटेंशन स्थित 40×50 के भूखंड (क्रमांक 23) पर G+3 (चार मंजिला) भवन का निर्माण कराया गया, जिस पर लगभग 1.20 करोड़ रुपये व्यय होना पाया गया।
  • हॉस्टल संचालन : पत्नी के ही नाम से गजाधर नगर (गुलमोहर का बगीचा, चितावद) स्थित भूखंड क्रमांक 32 पर G+2 भवन बनाकर छात्रावास (हॉस्टल) संचालित किया जा रहा है, जिसकी अनुमानित निर्माण लागत लगभग 91.50 लाख रुपये आंकी गई है।
  • वाहन व अन्य खर्च : पत्नी, पुत्र और पुत्री के नाम पर चार पहिया एवं दो पहिया वाहन खरीदने तथा अन्य मदों में लगभग 14 लाख रुपये व्यय किए गए।

वैध आय से 216.35% अधिक खर्च

प्राथमिक गणना के अनुसार, आरोपी जितेन्द्र कुमार पाण्डेय को पूरे 31 वर्ष के सेवाकाल में कुल अनुमानित वैध वेतन लगभग 80 लाख रुपये प्राप्त हुआ। इसके मुकाबले उनके द्वारा कुल अनुमानित 2.53 करोड़ रुपये का व्यय पाया गया है। यह उनकी वैध आय की तुलना में 1,73,08,069 रुपये अधिक (216.35% अनुपातहीन) है।

केस दर्ज, आगे की जांच जारी

लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 13(1)बी और 13(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। मौके पर दस्तावेजों और बैंक खातों की विस्तृत सर्चिंग जारी है, जिससे अनुपातहीन संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है।

लोकायुक्त की आमजन से अपील

संगठन ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा। यदि किसी भी शासकीय अधिकारी या कर्मचारी के भ्रष्टाचार से संबंधित कोई जानकारी हो, तो नागरिक सीधे पुलिस अधीक्षक, विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त कार्यालय (मोती बंगला, एमजी रोड इंदौर – 452007) या दूरभाष नंबर 0731-2533160 एवं 0731-2430100 पर संपर्क कर सकते हैं।

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