कल डीएसआर में दो भैंसों की कीमत 50 हजार, आज पकड़ाए तो डबल 1 लाख रुपए हुई
धार। ग्रामीण अंचलों में पशुपालकों को निशाना बनाने वाले मवेशी चोर गिरोह के खिलाफ मनावर पुलिस को अहम सफलता हाथ लगी है। बाकानेर पुलिस चौकी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भैंस चोरी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की गई 2 भैंसें और वारदात में इस्तेमाल की गई पिकअप गाड़ी बरामद कर ली है।
त्वरित घेराबंदी कर आरोपी को दबोचा
घटना 14 अगस्त की है, जब ग्राम भिकन्याखेड़ी निवासी नर्सिंग वास्केल और खेरापूरा (कुवाड़) निवासी राजू पटेल के घर से अज्ञात बदमाश 2 भैंसें चुरा ले गए थे। फरियादियों की शिकायत पर मनावर थाने में आरोपी रमेश पचावा के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। एसडीओपी बृजेश कुमार मालवीय के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश यादव के नेतृत्व में बाकानेर पुलिस टीम ने 14 अगस्त को ही दबिश देकर आरोपी रमेश पचवा (43 वर्ष), निवासी खेड़ली हनुमान (थाना गंधवानी) को गिरफ्तार कर लिया। मौके से चोरी की दोनों भैंसें और परिवहन में प्रयुक्त पिकअप (क्रमांक MP-11 G-1809) जब्त की गई।
आरोपी का है आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के अनुसार पकड़ा गया आरोपी आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ मनावर थाने में अपराध क्रमांक 568/2026 (धारा 331(4), 305(क) बीएनएस) तथा अपराध क्रमांक 573/2026 (धारा 303(2) बीएनएस) के तहत गंभीर मामले दर्ज हैं। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी राजेश यादव, बाकानेर चौकी प्रभारी उप निरीक्षक प्रशांत पाल, सउनि महेश जाट, प्रधान आरक्षक मिशन मुजाल्दा और आरक्षक राकेश कन्नौजे की सराहनीय भूमिका रही।
मूल्यांकन में अंतर और आगे की जांच
इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर एक विरोधाभास भी सामने आया है। 15 अगस्त को जारी पुलिस दैनिक स्थिति रिपोर्ट (DSR) में चोरी गई भैंसों का अनुमानित मूल्य 50 हजार रुपये दर्ज था, जबकि जब्ती और गिरफ्तारी के बाद पुलिस विवरण में यह कीमत करीब 1 लाख रुपये बताई गई। बहरहाल, पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि क्षेत्र में सक्रिय इस गिरोह के बाकी सदस्यों तक पहुँचा जा सके और अन्य चोरी की वारदातों का खुलासा हो सके।
