डिजिटल और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में एमपी की ऊंची छलांग
पीथमपुर में ऑप्टिकल फाइबर व लिथियम बैटरी प्लांट शुरू
धार। मध्यप्रदेश में औद्योगिक विस्तार और युवाओं को उच्च तकनीक आधारित रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में गुरुवार को एक बड़ा कदम उठाया गया। राज्य के प्रमुख औद्योगिक केंद्र पीथमपुर में 850 करोड़ रुपये के कुल निवेश से स्थापित दो अत्याधुनिक विनिर्माण संयंत्रों ने अपना उत्पादन शुरू कर दिया है। ये संयंत्र आधुनिक डिजिटल कनेक्टिविटी और स्वच्छ ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
धार जिले के पीथमपुर स्थित स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क में 20 अगस्त को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने प्रताप ग्रुप की दो नई इकाइयों कॉर्सिस इंडस्ट्रीज और वोल्टर्स टेक्नोलॉजीज का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक नीना वर्मा, प्रताप ग्रुप के चेयरमैन देवेंद्र सिंह शेखावत, मैनेजिंग डायरेक्टर शक्ति सिंह सहित प्रशासनिक अधिकारी एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
संयंत्रों की तकनीकी विशेषताएं और क्षमता:
- कॉर्सिस इंडस्ट्रीज (ऑप्टिकल फाइबर प्लांट): लगभग 8,067 वर्गमीटर में स्थापित इस संयंत्र की वार्षिक उत्पादन क्षमता 5.5 मिलियन फाइबर किलोमीटर है। जर्मन तकनीक आधारित इस इकाई में निर्मित ऑप्टिकल फाइबर का उपयोग 5G नेटवर्क, ब्रॉडबैंड, डेटा सेंटर और रक्षा संचार प्रणालियों में होगा। इससे करीब 300 लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है।
- वोल्टर्स टेक्नोलॉजीज (बैटरी स्टोरेज प्लांट): लगभग 20,505 वर्गमीटर में 300 करोड़ रुपये के नियोजित निवेश से तैयार यह प्लांट 3 GWh क्षमता के बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) और लिथियम-आयन बैटरी सॉल्यूशंस का निर्माण करेगा। इंडस्ट्री 4.0 रोबोटिक ऑटोमेशन वाली इस इकाई से लगभग 250 रोजगार सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रति श्रमिक 5 हजार रुपये तक की सहायता, निर्बाध बिजली, पानी और आधुनिक लॉजिस्टिक्स सुविधाएं दी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि समूह से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों के जरिए चरणबद्ध तरीके से 30 हजार युवाओं को रोजगार और कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने की योजना है।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि यह निवेश ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में मील का पत्थर है। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और मजबूत एक्सप्रेस-वे नेटवर्क के चलते मध्यप्रदेश वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है।
प्रताप ग्रुप द्वारा क्षेत्र में कुल 1,140 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है। बीते एक माह में पीथमपुर को मिली यह दूसरी बड़ी औद्योगिक सौगात भविष्य में मालवा-निमाड़ अंचल को सेमीकंडक्टर, टेलीकॉम और ग्रीन एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा हब बनाने की नींव तैयार कर रही है।
