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स्वास्थ्य सेवाओं में ढिलाई पर कलेक्टर सख्त

64 इंडीकेटर पर ‘शत-प्रतिशत’ का अल्टीमेटम; कम स्कोर वाले ब्लॉक को सुधार के लिए सिर्फ 7 दिन

धार। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए प्रभारी कलेक्टर  अभिषेक चौधरी ने कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की मैराथन बैठक में उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित 64 स्वास्थ्य सूचकांकों (इंडीकेटर्स) की बारीकी से समीक्षा की।

कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि कागजी आंकड़ों के बजाय जमीनी स्तर पर सुधार दिखना चाहिए। जिन विकासखंडों की प्रगति रिपोर्ट खराब मिली है, उन्हें एक सप्ताह का ‘डेडलाइन’ दिया गया है। अगली बैठक में फिर से समीक्षा होगी और लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाएगी।

1. मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य: ‘ऑडिट’ में लापरवाही नहीं चलेगी

समीक्षा के दौरान मातृ मृत्यु और शिशु मृत्यु की रिपोर्टिंग पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि:

  • एनीमिया प्रबंधन: गंभीर एनीमिया वाली गर्भवती महिलाओं का ब्लड ट्रांसफ्यूजन और उपचार प्राथमिकता पर हो।

  • टीकाकरण: पेंटा-1, एमआर-2 और पूर्ण टीकाकरण (FIC) के लक्ष्यों को पाने के लिए माइक्रोप्लान बनाकर फील्ड में उतरें।

  • नया फोकस: एचपीवी (HPV) टीकाकरण की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए।

2. सिकल सेल और टीबी: लक्ष्य आधारित जांच अनिवार्य

जिले में सिकल सेल और टीबी नियंत्रण को लेकर कलेक्टर ने कहा कि केवल जांच काफी नहीं है, बल्कि पात्र हितग्राहियों को उपचार और योजनाओं का लाभ मिलना भी सुनिश्चित होना चाहिए। प्रधानमंत्री राहत योजना और NQAS (गुणवत्ता प्रमाणीकरण) के लिए चिन्हित संस्थाओं को जल्द से जल्द सर्टिफिकेट हासिल करने के लिए निर्देशित किया गया।

3. इमरजेंसी अलर्ट: अस्पताल में कम न पड़ें ‘एंटी-वेनम’

गर्मी और आगामी मानसून को देखते हुए कलेक्टर ने जिला अस्पताल सहित सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर रेबीज और स्नेक बाइट (सांप काटने का इंजेक्शन) की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि आपात स्थिति में मरीज को त्वरित उपचार मिलना चाहिए, दवाई की कमी का बहाना नहीं चलेगा।


इनका कहना है “हमारा लक्ष्य 64 इंडीकेटर बिंदुओं पर 100% उपलब्धि हासिल करना है। स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी ब्लॉक अधिकारी समन्वय के साथ काम करें।” — अभिषेक चौधरी, प्रभारी कलेक्टर

बैठक में ये रहे मौजूद: बैठक में सीएमएचओ (CMHO), सिविल सर्जन, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM), जिला नोडल अधिकारी सहित सभी बीएमओ, बीसीएम और बीपीएम उपस्थित रहे।

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