17 केस दर्ज हैं मुख्य आरोपी पर
धार| अवैध शराब पकड़वाने को लेकर शुरू हुआ विवाद रविवार को मनावर थाने के सामने सुसाइड की कोशिश तक पहुंच गया। यहाँ एक ही परिवार के तीन सदस्यों (माता, पिता और भाई) ने चूहा मार दवा खाकर जान देने की कोशिश की। जहाँ पीड़ित परिवार पुलिस पर सुनवाई न करने और शराब ठेकेदार के मैनेजर द्वारा धमकी देने का आरोप लगा रहा है, वहीं पुलिस ने इसे ‘दबाव बनाने की रणनीति’ करार दिया है।
अवैध शराब और जान से मारने की धमकी
मामला रविवार का है, जब मनावर के पास ग्राम सिरसी बयडी पुरा में ग्रामीणों ने बिना नंबर की बाइक पर अवैध शराब ले जाते दो युवकों को पकड़कर डायल 112 के सुपुर्द किया था। इस घटना के बाद, शिकायतकर्ता विनोद जायसवाल का आरोप है कि शराब दुकान का मैनेजर कमलेश राठौर 10-15 लोगों के साथ तीन बोलेरो में भरकर उनके घर पहुंचा और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी।

पीड़ित बोले- सुनवाई नहीं हुई, पुलिस बोली- ड्रामा किया
धमकी से डरा परिवार जब एफआईआर दर्ज कराने मनावर थाने पहुंचा, तो वहां स्थिति बिगड़ गई।
- परिवार का आरोप: पुलिस हमारी सुनवाई नहीं कर रही थी, जिससे तंग आकर चिंताबाई (50), नरेंद्र जायसवाल (55) और अनिल जायसवाल (27) ने थाने के बाहर जहर खा लिया।
- पुलिस का पक्ष: एडिशनल एसपी विजय डावर ने स्पष्ट किया कि दोपहर 3:30 बजे जब थाना प्रभारी दोनों पक्षों को सुन रहे थे, तभी विनोद जायसवाल ने पुलिस पर अनुचित दबाव बनाने के लिए परिवार सहित जहर का सेवन किया।
17 मामलों में आरोपी है शिकायतकर्ता
पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जहर खाने वाले परिवार का पुराना आपराधिक इतिहास है:
- विनोद जायसवाल: विभिन्न धाराओं में 17 गंभीर मामले दर्ज हैं।
- पिता नरेंद्र: सट्टा और जुआ एक्ट के तहत 4 मामले दर्ज हैं।
- भाई अनिल: इनके खिलाफ भी कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।
“पुलिस ने रिपोर्ट लिखने में कोई देरी नहीं की है। विनोद की शिकायत पर मैनेजर कमलेश के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। फिलहाल सभी घायल खतरे से बाहर हैं और उन्हें बड़वानी रेफर किया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच जारी है।”
– विजय डावर, एडिशनल एसपी, धार
अपडेट: पुलिस ने आबकारी एक्ट के तहत भी कार्रवाई की है और अब दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।


