केंद्रीय मंत्री ठाकुर और कलेक्टर मीना ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
510 ग्राम पंचायतों में घूमेंगे 13 विशेष कृषि रथ, किसानों को मिलेगा ‘ई-टोकन’ और ‘एग्रीस्टेक’ का लाभ
धार। मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार वर्ष 2026 को पूरे प्रदेश में “कृषि वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में आज धार जिले में खरीफ सीजन से ठीक पहले एक बड़े अभियान का शंखनाद हुआ है। जिले में 10 दिवसीय ‘कृषि रथ’ संचालन का भव्य शुभारंभ किया गया, जिसका उद्देश्य उन्नत कृषि तकनीकों को सीधे किसानों के खेतों तक पहुंचाना है।
इस विशेष अभियान के तहत तैयार किए गए हाईटेक कृषि रथ को केंद्रीय मंत्री व क्षेत्रीय सांसद सावित्री ठाकुर और कलेक्टर राजीव रंजन मीना द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
सभी 13 ब्लॉकों से निकले रथ
इस गरिमामयी अवसर पर जिला प्रशासन सहित कृषि एवं कल्याण विकास विभाग के उप संचालक ज्ञानसिंह मोहनिया और विभागीय अमला मौजूद रहा। जिला मुख्यालय के साथ-साथ सभी ब्लॉक मुख्यालयों से भी स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में रथों को रवाना किया गया है।
मुख्य बातें:
- कुल रथ: जिले के सभी 13 विकासखण्डों के लिए 13 विशेष कृषि रथ तैयार किए गए हैं।
- लक्ष्य: यह रथ निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार जिले की सभी 510 ग्राम पंचायतों का भ्रमण करेंगे।
- दैनिक कवरेज: प्रत्येक रथ प्रतिदिन 3 से 4 ग्राम पंचायतों में पहुंचकर कृषकों को जागरूक करेगा।
क्या है इस अभियान का उद्देश्य? किसानों को कैसे मिलेगा सीधा फायदा?
इस महाभियान का मुख्य फोकस किसानों को पारंपरिक खेती से ऊपर उठाकर आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों से जोड़ना है। यात्रा के दौरान केवल प्रचार ही नहीं होगा, बल्कि कृषि वैज्ञानिक सीधे चौपालों पर बैठकर किसानों से संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान करेंगे।
इस अभियान में कृषि के साथ-साथ उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता और कृषि अभियांत्रिकी विभाग की कल्याणकारी योजनाओं को एक ही मंच पर लाया गया है।
कृषि रथ के 5 मुख्य ‘आधार स्तंभ’ जिन पर रहेगा विशेष जोर:
- ई-विकास प्रणाली और एग्रीस्टेक : ‘धरतीमाता बचाओं अभियान’ के तहत अब खाद-उर्वरक की वितरण व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जा रहा है। नवीन उर्वरक वितरण व्यवस्था के तहत ‘ई-टोकन’ प्रणाली का प्रचार किया जाएगा। साथ ही, मैदानी स्तर पर छूटे हुए सभी किसानों को ‘एग्रीस्टेक’ पोर्टल पर जोड़ा जाएगा, जिससे किसानों को उनके जमीन के रकबे (क्षेत्रफल) के हिसाब से बिना किसी परेशानी के सुगमता से खाद मिल सके।
- प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा: केमिकल और रासायनिक खादों के अंधाधुंध उपयोग पर लगाम लगाने के लिए किसानों को प्राकृतिक कृषि और जैविक खेती के फायदे बताए जाएंगे, ताकि जमीन की उर्वरा शक्ति बची रहे।
- मृदा स्वास्थ्य और फसल प्रबंधन: किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर ही खेतों में पोषक तत्व डालने की सलाह दी जाएगी, जिससे उनका फिजूलखर्च रुके। इसके अलावा फसलों में लगने वाले कीट, एकीकृत रोग प्रबंधन और पराली (फसल अवशेष) के सही निपटान के तरीके सिखाए जाएंगे।
- कृषि का आधुनिकीकरण: खरीफ सीजन की बोनी से पहले कृषि अभियांत्रिकी विभाग द्वारा खेतों के समतलीकरण और फसल विविधिकरण को बढ़ावा दिया जाएगा।
- लाभकारी कृषि: खेती की लागत को कम करके मुनाफे को कैसे बढ़ाया जाए, इसके व्यावहारिक उपाय किसानों को समझाए जाएंगे।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई, रोज़ भेजनी होगी रिपोर्ट
अभियान की संवेदनशीलता को देखते हुए कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने जिले के सभी संबंधित अधिकारियों और मैदानी अमले को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि सभी अधिकारी तय तारीख, स्थान और समय पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर दल प्रभारी से तालमेल बिठाएं।
इसके साथ ही, इस 10 दिवसीय अभियान की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए हर दिन की गतिविधियों और प्रगति की लाइव रिपोर्ट उप संचालक, कृषि (धार) को प्रेषित करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
