सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट की तो सीधे होगी जेल
धार। भोजशाला परिसर को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण मीडिया एडवाइजरी जारी की है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि कानून व्यवस्था को हाथ में लेने या सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने सभी नागरिकों, धर्मगुरुओं, आगंतुकों और मीडिया जगत से शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने में सहयोग की भावुक अपील की है।
प्रशासन का कड़ा संदेश: ‘कोर्ट का आदेश सर्वोपरि’
प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया गया है:
- अक्षरशः होगा पालन: माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित सभी आदेश और निर्देश पूरी तरह बाध्यकारी हैं। इनका हर हाल में अक्षरशः पालन कराया जाएगा।
- अवैध गतिविधियों पर ‘नो टॉलरेंस’: न्यायालय के प्रचलित निर्देशों के विपरीत या बिना अनुमति के किसी भी प्रकार की गतिविधि की इजाजत नहीं होगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तत्काल कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।
- सोशल मीडिया पर पैनी नजर: सोशल मीडिया या किसी अन्य माध्यम से भ्रामक, भड़काऊ, अप्रमाणित या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली सामग्री पोस्ट या शेयर न करें।
मीडिया और जनता से जिम्मेदार बनने की अपील
प्रशासन ने इस संवेदनशील मामले में जिम्मेदारी तय करते हुए कहा है:
”सभी समुदायों से अपील है कि वे न्यायिक प्रक्रिया और विधि व्यवस्था का सम्मान करते हुए प्रशासन का सहयोग करें। मीडिया प्रतिनिधियों से भी अपेक्षा है कि वे उत्तेजक या भ्रामक खबरों से बचकर पूरी तरह तथ्यात्मक और जिम्मेदार रिपोर्टिंग करें।”
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, चप्पे-चप्पे पर नजर
कानून व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए भोजशाला परिसर और उसके आसपास के पूरे क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है। आधुनिक तकनीकों और सतत निगरानी के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
जिला एवं पुलिस प्रशासन ने अंत में साफ कर दिया है कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता शांति, सांप्रदायिक सौहार्द और विधि का शासन बनाए रखना है।
प्रशासन की जनता से सीधी अपील:
शांति बनाए रखें | अफवाहों से बचें | कानून का सम्मान करें | राष्ट्रहित में सहयोग करें
