इमरजेंसी को छोड़ इलाज और दवाएं दोनों प्रभावित
धार। ऑनलाइन दवा बाजार और बड़े कॉर्पोरेट घरानों की मनमानी के खिलाफ बुधवार को जिलेभर के केमिस्टों ने ‘आर-पार’ की जंग छेड़ दी। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर धार जिले के 1550 से अधिक मेडिकल स्टोर पूरी तरह बंद रहे। शहरी इलाकों से लेकर कस्बों और ग्रामीण अंचलों तक दवा बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। आंदोलन की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केमिस्टों के समर्थन में जिले के निजी नर्सिंग होम की नियमित ओपीडी भी ठप रही। हालांकि, मरीजों की सहूलियत के लिए अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाएं चालू रखी गईं।
युवाओं को नशे की गर्त में धकेल रहा ऑनलाइन बाज़ार
एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ. अशोक शास्त्री और सचिव आशीष बांगर ने सीधे सरकार पर निशाना साधा। डॉ. शास्त्री ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “ऑनलाइन और बड़े कॉर्पोरेट डिस्काउंट के कारण छोटे और पारंपरिक कारोबारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि ऑनलाइन माध्यमों से इन दिनों बाजार में नींद की गोलियों का दुरुपयोग बेहद बढ़ गया है। बिना किसी कड़े वेरिफिकेशन के दवाएं डिलीवर हो रही हैं, जिसकी गिरफ्त में देश की युवा पीढ़ी आ रही है।”
केमिस्टों की 3 प्रमुख मांगें, जिन पर टिकी है लड़ाई:
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ऑनलाइन पर बैन: ऑनलाइन दवाओं की अंधाधुंध बिक्री पर तुरंत पूरी तरह रोक लगाई जाए।
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डिस्काउंट पर लगाम: कॉर्पोरेट कंपनियों द्वारा दवाओं पर दिए जा रहे भारी-भरकम और अस्वस्थ डिस्काउंट पर नियंत्रण हो।
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नकली दवाओं पर वार: बाजार में फैल रहे नकली दवाओं के अवैध नेटवर्क पर सरकार सख्त से सख्त कार्रवाई करे।
शहर में निकली ‘आक्रोश’ वाहन रैली, दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
दुकानें बंद रखने के साथ ही केमिस्टों ने सड़कों पर उतरकर अपनी एकजुटता का दम दिखाया। एसोसिएशन के सदस्यों ने शहर में एक विशाल वाहन रैली निकाली और जमकर नारेबाजी की। एसोसिएशन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यह बंद तो सिर्फ एक झांकी थी, यदि सरकार और संबंधित विभागों ने उनकी मांगों का जल्द ही कोई उचित समाधान नहीं निकाला, तो आने वाले दिनों में देशव्यापी स्तर पर इससे भी बड़ा और उग्र आंदोलन किया जाएगा।
ये रहे मौजूद : पीआरओ नीलेश जैन ने बताया कि विरोध प्रदर्शन में संरक्षक उमाशंकर सोनी, दीपक शर्मा, नगर अध्यक्ष विनीत खत्री, पंकज बोराना, राजेंद्र जायसवाल, निलेश जैन, मुकेश राठौड़, अंकुर बांगर, राजेंद्र अग्रवाल, गणेश मालवीय, अम्बर गुप्ता, धर्मराज पाटीदार, शीतल पांडे, आशीष वैद्य, रवि पाटीदार, विशाल एरन, राजेंद्र जैन, संतोष चौबे, विनय जैन, योगेन्द्र गोड़, शैलेंद्र मानावत, जितेंद्र जैन, अशोक कुमार, दिनेश चौधरी, जितेंद्र जैन, सोहन, कुलदीप शर्मा, सुमित नारमदेव, श्याम राठौड़, चिंटू अग्रवाल, गजेन्द्र गोड़, कुंदन गोड़ सहित बड़ी संख्या में केमिस्ट शामिल हुए।

