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धार भोजशाला मामला : हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मुस्लिम समाज, कल जुमे पर शांति बनाए रखने की अपील

धार। हाईकोर्ट के हालिया फैसले के बाद मुस्लिम समाज ने न्याय के लिए देश की सर्वोच्च अदालत का दरवाजा खटखटाया है। सदर अब्दुल समद और शहर काजी वकार सादिक ने संयुक्त रूप से जानकारी दी कि वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में एक विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर कर दी गई है। समाज को उम्मीद है कि जल्द ही इस पर सुनवाई होगी और उन्हें राहत मिलेगी।

‘संविधान के दायरे में रहकर लड़ेंगे लड़ाई’

सदर अब्दुल समद ने समाज को ढांढस बंधाते हुए कहा कि हमारे धर्म और समाज में मायूसी को ‘कुफ्र’ (गुनाह) माना गया है। हमें मायूस होने के बजाय अपने संवैधानिक अधिकारों के तहत आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा “अगर हमें हाईकोर्ट का कोई निर्णय गलत लगा है, तो हमने उसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। हमारा केस बेहद मजबूत है और हमें पूरा विश्वास है कि शीर्ष अदालत से हमें दोबारा नमाज पढ़ने की अनुमति मिलेगी। हम शुरू से संविधान के दायरे में रहकर लड़े हैं और आगे भी लड़ेंगे।”

सदर ने स्पष्ट किया कि यदि कानूनी प्रक्रिया के चलते एक जुमे (शुक्रवार) को नमाज नहीं भी हो पाती है, तो समाज इस धैर्य (कुर्बानी) के लिए तैयार है, लेकिन वे कानून हाथ में नहीं लेंगे। विरोध स्वरूप कल मुस्लिम समाज शांतिपूर्ण तरीके से अपने-अपने मोहल्लों में दुकानों पर अपनी असहमति दर्शाएगा।

प्रशासन से मिले आश्वासन पर जताया संतोष

मुस्लिम समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में कलेक्टर और एसपी से मुलाकात कर हाईकोर्ट के आदेश की विसंगतियों और अपनी चिंताओं को सामने रखा था। सदर समद ने बताया कि प्रशासन ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना है। माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे कुछ तत्वों की रैलियों और यात्राओं को प्रशासन द्वारा निरस्त किए जाने के कदम की उन्होंने सराहना की। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सभी धर्मों को समानता का अधिकार मिले और किसी एक समाज पर दबाव न बनाया जाए। साथ ही, उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी राजनीति चमकाने वाले नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि यह आस्था का केंद्र है, इसे राजनीति का अखाड़ा न बनाया जाए।

शहर काजी की अपील: “कानून पर भरोसा रखें, शहर में अमन-चैन बनाए रखें”

धार के शहर काजी वकार सादिक ने भी न्यायपालिका और संविधान में पूरा भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के निर्णय का सम्मान करते हुए उसके खिलाफ कानूनी विकल्प चुना गया है। “सलमान खुर्शीद साहब ने आश्वस्त किया है कि हमारा पक्ष मजबूत है। सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिलते ही मुस्लिम समाज पहले की तरह पूरे सम्मान और सबके सहयोग से नमाज अदा करेगा।”

कल शुक्रवार के लिए विशेष हिदायत

शहर काजी ने सभी समुदायों के लोगों से अपील की है कि वे पुलिस और प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइंस का पूरी तरह पालन करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह शहर हमारा है और यहां के लोग हमारे अपने हैं, इसलिए किसी भी कीमत पर शहर का अमन, चैन और भाईचारा प्रभावित नहीं होना चाहिए।

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