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MP के स्कूलों में बड़ा बदलाव : अब 8वीं से 12वीं तक लगेगी AI की क्लास

सम्राट विक्रमादित्य और गुरु सांदीपनि की जीवनी भी पढ़ेंगे बच्चे

भोपाल। मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक हाई-लेवल बैठक में कई बड़े और चौंकाने वाले फैसले लिए हैं। अब एमपी के स्कूलों में न सिर्फ ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) की एंट्री होने जा रही है, बल्कि इतिहास के पन्नों से सम्राट विक्रमादित्य और गुरु सांदीपनि की गाथाएं भी बच्चों को पढ़ाई जाएंगी।

पढ़िए स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की बड़ी बातें और इनसाइड स्टोरी:

क्लास 8th से 12th तक AI का तड़का, ‘ड्राइविंग लाइसेंस’ भी स्कूल में

बैठक में सीएम डॉ. यादव ने अधिकारियों को दो-टूक कहा कि बच्चों को किताबी कीड़ा बनाने के बजाय फ्यूचर-रेडी किया जाए।

  • एआई (AI) की पढ़ाई: कक्षा 8वीं से 12वीं तक के सिलेबस में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के कौशल को जोड़ने के लिए एक्शन प्लान मांगा गया है।

  • सिर्फ पढ़ाई नहीं, सर्विस भी: अब स्कूलों में सिर्फ क्लास नहीं लगेगी, बल्कि बच्चों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण, ड्राइविंग लाइसेंस कैंप और प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग की सुविधा भी शुरू की जाएगी।

  • पास आउट युवाओं की ट्रैकिंग: 12वीं पास करने के बाद छात्र उच्च शिक्षा में गया, नौकरी कर रहा है, खेती कर रहा है या पुश्तैनी धंधा संभाल रहा है—सरकार अब इसका पूरा डेटाबेस (ट्रैकिंग) तैयार करेगी।

सिलेबस में एंट्री लेंगे सम्राट विक्रमादित्य और गुरु सांदीपनि

मप्र के स्कूली बच्चे अब उज्जैन के गौरवशाली इतिहास को करीब से जानेंगे। सीएम ने निर्देश दिए हैं कि सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी को स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाए। इसके साथ ही गुरु सांदीपनि के जीवन पर भी एक बेहद रोचक किताब तैयार की जाएगी।

नई योजना: ‘शिक्षा घर योजना’ को हरी झंडी

बैठक में ‘शिक्षा घर योजना’ का प्रेजेंटेशन देखा गया, जिसे सीएम ने तुरंत सैद्धांतिक मंजूरी दे दी।

  • किन्हें मिलेगा फायदा : जिन छात्र-छात्राओं ने 8वीं या उसके बाद फेल होने के चलते पढ़ाई छोड़ दी थी, उन्हें फिर से हाईस्कूल/हायर सेकेंडरी पास करने का मौका मिलेगा।

  • कौन कराएगा : मप्र राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड (Open School) इस योजना को पूरे प्रदेश के गांवों और शहरों में लागू करेगा।

‘सरकारी’ का जलवा: पहली क्लास में रिकॉर्ड 32.4% एडमिशन बढ़े

बैठक में जो आंकड़े सामने आए, वे चौंकाने वाले और सरकारी स्कूलों की बदलती तस्वीर दिखाने वाले हैं:

  • वर्ष 2024-25 के मुकाबले 2025-26 में कक्षा 1 में नामांकन (Admissions) में 32.4% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

  • कक्षा 9वीं से 12वीं के एडमिशन में भी 4.25% का उछाल आया है, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है।

  • अप्रैल के महीने में ही 92% से ज्यादा बच्चों के एडमिशन का काम पूरा कर लिया गया था।

100% रिजल्ट देने वाले ‘गुरुजी’ का होगा पब्लिक सम्मान

सीएम ने साफ किया कि परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।

“जिन स्कूलों का रिजल्ट 100% आया है, उनके शिक्षकों का सार्वजनिक सम्मान किया जाएगा।” प्रदेश में ऐसे 26 स्कूल हैं जहां एक भी बच्चा फेल नहीं हुआ। सीएम ने निर्देश दिए कि 90% से 95% रिजल्ट देने वाले स्कूलों को भी सम्मानित किया जाए।

1 जुलाई से पहले अतिथि शिक्षक भर्ती और ‘शिक्षक वंदना’

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त लहजे में काम में तेजी लाने को कहा है:

  • अतिथि शिक्षक: 1 जुलाई से पहले हर हाल में अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो।

  • स्कूलों की मरम्मत: सत्र (जो 16 जून से शुरू हो रहा है) से पहले सभी आंशिक रूप से जर्जर स्कूलों की मरम्मत और बाउंड्री वॉल का काम पूरा किया जाए।

  • शिक्षक वंदना कार्यक्रम: 1 जुलाई से गुरु पूर्णिमा (29 जुलाई) तक स्कूलों में अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में ‘शिक्षक वंदना कार्यक्रम’ आयोजित होगा।

अब ‘महिला बाल विकास’ और ‘स्कूल शिक्षा’ मिलकर बढ़ाएंगे कदम

मप्र के इतिहास में यह पहली बार होने जा रहा है जब छोटे बच्चों की पढ़ाई का माहौल बनाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग एक साथ मिलकर काम करेंगे। इसके अलावा जिन हाईस्कूलों के पास कोई हायर सेकेंडरी स्कूल नहीं है, उन्हें अपग्रेड (प्रोन्नत) करने का प्रस्ताव भी मांगा गया है।

बैठक में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह सहित विभाग के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे। सीएम ने साफ कर दिया है कि 1 साल से पुरानी कोई भी घोषणा पेंडिंग नहीं रहनी चाहिए।

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