भोपाल। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अत्याधुनिक मौसम उपग्रह INSAT-3DS से आज शाम (22 मई 2026) की ताज़ा थर्मल इन्फ्रारेड इमेजरी जारी की गई है। सैटेलाइट से मिली इन तस्वीरों से साफ पता चल रहा है कि देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। दक्षिण भारत से लेकर पूर्वी राज्यों तक बादलों का भारी जमावड़ा देखा जा रहा है, जो आने वाले घंटों में तेज आंधी और बारिश का संकेत दे रहा है।
दक्षिण भारत में मानसून की दस्तक से पहले हलचल तेज
सैटेलाइट इमेज में सबसे घने और सक्रिय बादलों का समूह (सफेद चमकीला हिस्सा) हिंद महासागर और अरब सागर से उठकर दक्षिण भारत के तटीय इलाकों को कवर करता दिख रहा है।
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केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में घने बादलों की मौजूदगी है।
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मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह प्री-मानसून गतिविधियों की तेजी को दर्शाता है, जिससे अगले 24 से 48 घंटों में इन राज्यों में भारी बारिश हो सकती है।
मध्य और पूर्वी भारत: ओडिशा-छत्तीसगढ़ पर बादलों का घेरा
मैप पर नजर डालें तो पूर्वी भारत के राज्यों, विशेषकर ओडिशा, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में एक बड़ा चक्रवाती बादलों का पैच (Cloud Patch) साफ दिखाई दे रहा है।
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इन क्षेत्रों में स्थानीय सिस्टम एक्टिव होने के कारण शाम और रात के समय तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की पूरी संभावना बनी हुई है।
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इसके अलावा, उत्तर-पूर्वी राज्यों (North-East India) में भी लगातार बादलों की आवाजाही बनी हुई है, जिससे वहां हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा।
मध्य प्रदेश और उत्तर भारत: शुष्क मौसम के बीच आंशिक राहत
मध्य भारत यानी मध्य प्रदेश (इंदौर, धार, उज्जैन सहित पश्चिमी हिस्से) और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में आसमान फिलहाल काफी हद तक साफ या आंशिक बादलों से घिरा नजर आ रहा है।
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हालांकि, राजस्थान और गुजरात के ऊपर हल्के बादलों की लकीरें देखी जा सकती हैं, जो तेज गर्मी के बीच कहीं-कहीं स्थानीय स्तर पर धूलभरी आंधी या ‘लूं’ के बाद अचानक गरज-चमक की स्थिति पैदा कर सकती हैं।
इमेज की तकनीकी बारीकियां
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सैटेलाइट: INSAT-3DS (Thermal Infrared1)
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समय: 22 मई 2026, भारतीय समयानुसार शाम 07:30 बजे से 07:57 बजे (IST) के बीच का डेटा।
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क्या दर्शाती है तस्वीर: सफेद चमकीले हिस्से ऊंचे और ठंडे बादलों को दर्शाते हैं, जहां भारी बारिश और कड़कने वाली बिजली (Thunderstorm) की संभावना सबसे अधिक होती है।
मौसम विभाग की सलाह: जिन इलाकों में घने बादल दिखाई दे रहे हैं, वहां के प्रशासन को अलर्ट रहने को कहा गया है। मछुआरों को दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में न जाने की सलाह दी गई है।

