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IPL सट्टे का ‘हाईटेक’ भंडाफोड़ : इंदौर क्राइम ब्रांच की बड़ी रेड, इंजीनियर और बैंक कर्मी समेत 8 गिरफ्तार, दुबई से जुड़े तार

इंदौर। आईपीएल (IPL) मैचों की चकाचौंध के बीच सट्टेबाजों का एक ऐसा हाईटेक नेटवर्क सक्रिय था, जिसे देखकर पुलिस की आंखें भी फटी की फटी रह गईं। इंदौर क्राइम ब्रांच ने आईपीएल क्रिकेट सट्टे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए एक इंटरनेशनल ऑनलाइन सट्टा गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बापजी नगर इलाके में चल रहे इस डिजिटल सट्टा रैकेट पर देर रात दबिश देकर 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह ‘Premium Clients Book’ नाम की इंटरनेशनल वेबसाइट के जरिए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) बनाम गुजरात टाइटंस (GT) के मैच पर प्रति गेंद (Ball-by-Ball) और प्रति ओवर हार-जीत का दांव लगवा रहा था।

टेलीग्राम से नौकरी का लालच, फिर ‘सट्टा किंग’ बनने का सफर

क्राइम ब्रांच की पूछताछ में जो खुलासा हुआ है, उसने सबको चौंका दिया है। इस पूरे काले कारोबार का मास्टरमाइंड कुणाल दास है। कुणाल पहले रैपिडो, स्विगी, ज़ोमैटो और बिगबास्केट जैसी नामी कंपनियों में काम कर चुका है। उसने टेलीग्राम ऐप के जरिए पढ़े-लिखे बेरोजगार युवकों को अच्छी नौकरी और मोटी सैलरी का लालच देकर इंदौर बुलाया और उन्हें इस दलदल में धकेल दिया।

पढ़े-लिखे ‘हाई-प्रोफाइल’ सटोरिए : गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों में से 4 जबलपुर (मध्य प्रदेश) और 4 ओडिशा के रहने वाले हैं। ये सभी अच्छे परिवारों से हैं और उच्च शिक्षित हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की प्रोफाइल:

  • कुणाल दास: मास्टरमाइंड (पूर्व कॉरपोरेट कर्मचारी)

  • शशांक नेगी: गुड़गांव की आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर (वर्क फ्रॉम होम का फायदा उठा रहा था)

  • चिन्मय साहू: एचडीएफसी (HDFC) बैंक का कर्मचारी

  • राजेंद्र दास: जियो (Jio) कंपनी का कर्मचारी

  • अविनाश ठाकुर: रेलवे वाशिंग सेंटर का कर्मचारी

  • अन्य आरोपी: रामास्वामी, आनंद प्रधान और विकास निश्चल।

मुखबिर की एक सूचना और ‘गेम ओवर’

इंदौर क्राइम ब्रांच को सटीक मुखबिर से सूचना मिली थी कि बापजी नगर के एक मकान की पहली मंजिल पर हाईटेक तरीके से ऑनलाइन कसीनो और क्रिकेट सट्टा चल रहा है। पुलिस टीम ने जब देर रात अचानक छापा मारा, तो कमरे का नजारा देखकर दंग रह गई। कमरे में 55 इंच की बड़ी स्मार्ट LED टीवी पर मैच चल रहा था। आरोपी हाई-स्पीड इंटरनेट, लैपटॉप और दर्जनों मोबाइल फोन लेकर बैठे थे। ये लोग पिछले 1 महीने से इस मकान में बंद थे और पकड़े जाने के डर से घर से बाहर तक नहीं निकलते थे। आरोपी ग्राहकों से अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाते थे और उन्हें सीक्रेट आईडी-पासवर्ड देते थे। ये न सिर्फ सट्टा खिलाते थे, बल्कि खुद सट्टेबाजी की आईडी जेनरेट कर दूसरों को बेचते भी थे।

करोड़ों का हिसाब और दुबई कनेक्शन

पुलिस को मौके से करोड़ों रुपए के लेनदेन के रजिस्टर मिले हैं। शुरुआती जांच में अब तक 2 करोड़ से अधिक के अवैध वित्तीय लेनदेन का खुलासा हो चुका है, जिसके और बढ़ने की उम्मीद है। पुलिस को आशंका है कि इस इंटरनेशनल रैकेट के तार सीधे दुबई से जुड़े हैं। गिरोह का मुख्य आका दुबई में बैठकर इस पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस जाल बिछा रही है।

क्या-क्या हुआ बरामद (कुल कीमत : 10,57,000 रुपए)

बरामद सामग्री संख्या
एंड्रॉइड और आईफोन (Smartphones) 23
लैपटॉप (HP, Dell, Asus) 03
स्मार्ट LED टीवी (55 इंच) 01
वाई-फाई राउटर 01
विभिन्न बैंकों के डेबिट कार्ड 13
लेनदेन के लाल रजिस्टर 04

पुलिस का क्या कहना है

“क्राइम ब्रांच ने सट्टेबाज़ी के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पकड़े गए आरोपी बेहद शातिर और तकनीकी रूप से सक्षम हैं। आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट (IT Act), भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 212 और सट्टा एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। दुबई कनेक्शन को लेकर आगे की जांच जारी है।” — राजेश त्रिपाठी, डीसीपी, इंदौर क्राइम ब्रांच

रिकॉर्ड कार्रवाई: आईपीएल सट्टे पर इंदौर क्राइम ब्रांच की यह लगातार चौथी बड़ी कार्रवाई है। इस सीजन में पुलिस अब तक कुल 19 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है।

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