सस्ते सोने का लालच देकर की थी 3 लाख की लूट, पुलिस ने ‘जामदा भूतिया’ में घेराबंदी कर दबोचा
धार। नकली सोने की सिल्ली दिखाकर लाखों रुपये ऐंठने और लूटपाट करने वाले एक शातिर और मोस्ट वांटेड अपराधी को टांडा पुलिस ने एक फिल्मी स्टाइल दबिश में गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी काफी समय से पुलिस को चकमा देकर अपनी लोकेशन बदल रहा था, लेकिन इस बार मुखबिर के सटीक जाल में वह ऐसा फंसा कि सीधे जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गया।
आइए जानते हैं क्या है यह पूरा मामला और कैसे पुलिस ने इस शातिर अपराधी का खेल खत्म किया।
झांसा सोने का, खेल लूट का : क्या था पूरा मामला
मामला किसी सस्पेंस फिल्म की कहानी जैसा है। ठगों ने पहले एक फरियादी को अपनी बातों के जाल में फंसाया और उसे असली बताकर नकली सोने की सिल्ली बेचने का लालच दिया। जैसे ही फरियादी उनकी बातों में आया, आरोपी उसे अपनी गाड़ी में बैठाकर एक सुनसान इलाके में ले गए।
वहां पहुंचते ही आरोपियों का असली चेहरा सामने आ गया। उन्होंने फरियादी के साथ जमकर मारपीट की, उसे जान से मारने की धमकी दी और डरा-धमकाकर उसके मोबाइल से ऑनलाइन रुपये ट्रांसफर करवा लिए। इतना ही नहीं, लुटेरों ने उसके पास मौजूद नगदी, मोबाइल और अन्य कीमती सामान भी लूट लिया। इस तरह नकली सोने का लालच देकर फरियादी से करीब 2 लाख 97 हजार रुपये की बड़ी धोखाधड़ी और लूट को अंजाम दिया गया।
कानूनी शिकंजा: फरियादी की शिकायत पर थाना टांडा में अपराध क्रमांक 319/2024 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 140(2), 61(2), और 115(2) के तहत गंभीर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

जामदा भूतिया में घेराबंदी, ऐसे चढ़ा पुलिस के हत्थे
मामले की गंभीरता को देखते हुए टांडा पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी। इस वारदात का मुख्य वांटेड आरोपी गंगाराम (पिता जोरावर सिंह बामनिया) निवासी करचट, लगातार फरार चल रहा था। वह पुलिस से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था।
लेकिन कहते हैं ना कि कानून के हाथ लंबे होते हैं! पुलिस को मुखबिर से पक्की सूचना मिली कि आरोपी ‘जामदा भूतिया’ इलाके में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही टांडा पुलिस ने बिना वक्त गंवाए इलाके की घेराबंदी की और शातिर गंगाराम को दबोच लिया।
सिर्फ ठगी नहीं, शराब तस्करी और ब्लैकिंग का भी है ‘किंग’
पुलिस की गिरफ्त में आया गंगाराम कोई छोटा-मोटा अपराधी नहीं है। पुलिस जांच में सामने आया है कि वह बड़े पैमाने पर अवैध गतिविधियों में संलिप्त है।
- वह शराब तस्करी और ब्लैकिंग के काले कारोबार से भी जुड़ा हुआ है।
- टांडा के अलावा सरदारपुर और जिला अलीराजपुर के बोरी थाना क्षेत्र की पुलिस को भी कई मामलों में उसकी सरगर्मी से तलाश थी।
- आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है और विभिन्न थानों में उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं।
भेजा गया जेल, अन्य थानों को दी सूचना
गिरफ्तारी के बाद टांडा पुलिस ने आरोपी गंगाराम को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से कोर्ट के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया है। चूंकि आरोपी अन्य जिलों और थानों में भी वांटेड था, इसलिए टांडा पुलिस ने संबंधित थानों को भी उसकी गिरफ्तारी की आधिकारिक सूचना भेज दी है, ताकि अन्य मामलों में भी उस पर शिकंजा कसा जा सके।
पुलिस टीम की पीठ थपथपाई
इस बड़ी और कामयाबी भरी कार्यवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक संजय रावत और उनकी पूरी टांडा पुलिस टीम की सजगता और बहादुरी की जमकर तारीफ हो रही है। इस गिरफ्तारी से इलाके के अन्य अपराधियों में हड़कंप मच गया है।
