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हरिद्वार में मना रहा था छुट्टियां, देवास बाईपास पर धराया लॉरेंस गैंग का ‘मास्टरमाइंड’

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25 हजार का इनामी राहुल बाबा गिरफ्तार, व्यापारियों की रेकी कर ‘हैरी बॉक्सर’ को भेजता था आर्थिक कुंडली

इंदौर। इंदौर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए लॉरेंस बिश्नोई और हैरी बॉक्सर गैंग के बेहद शातिर मास्टरमाइंड राहुल सिंह राठौर उर्फ राहुल बाबा (34 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। देवास के बिंजाना का रहने वाला यह बदमाश पुलिस की आंखों में धूल झोंककर हरिद्वार में छुट्टियां मना रहा था, लेकिन जैसे ही वह वापस लौटा, क्राइम ब्रांच की एसआईटी (SIT) ने उसे देवास बाईपास से दबोच लिया। इस शातिर अपराधी पर कुल 25,000 रुपये का इनाम था, जिसमें राज्य एसटीएफ की तरफ से 15,000 रुपये और इंदौर क्राइम ब्रांच की ओर से 10,000 रुपये घोषित थे।

यहाँ जानिए इस सनसनीखेज गिरफ्तारी और गैंग के इस खतरनाक नेटवर्क की पूरी इनसाइड स्टोरी:

क्या था राहुल बाबा का रोल (गैंग का ‘लोकल नेटवर्क’)

डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश त्रिपाठी के मुताबिक, राहुल बाबा इस गैंग की सबसे अहम और खतरनाक कड़ियों में से एक था। वह गैंग के मुख्य आरोपी राजपाल चंद्रावत का सबसे भरोसेमंद साथी है। राहुल का काम इंदौर और आसपास के इलाकों में दहशत फैलाना नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे रहकर पूरी ‘फील्डिंग’ सजाना था:

  • अमीर व्यवसायियों की रेकी: राहुल के अंडर में 10 से 15 लड़कों की एक विशेष टीम काम कर रही थी। यह टीम इंदौर, कसरावद और खरगोन के बड़े व्यापारियों, उनके ऑफिसों और घरों की रेकी करती थी।

  • आर्थिक कुंडली तैयार करना: राहुल की टीम व्यापारियों की संपन्नता और उनके आर्थिक स्रोतों की पूरी गोपनीय जानकारी जुटाती थी।

  • हैरी बॉक्सर तक इन्फो पहुंचाना: यह सारी जानकारी राजपाल के जरिए विदेश या अन्य जगहों पर बैठे हैरी बॉक्सर तक भेजी जाती थी। इसके बाद हैरी बॉक्सर व्यापारियों को ऑडियो कॉल और मैसेज के जरिए धमकाकर मोटी फिरौती मांगता था।

  • हथियार और शूटरों का बंदोबस्त: राहुल सिर्फ रेकी तक सीमित नहीं था, बल्कि वह गैंग के लिए अवैध हथियार और फायरिंग करने वाले लड़के (शूटर) भी मुहैया करा रहा था। खरगोन में यह गैंग ऐसी ही एक फायरिंग की वारदात को अंजाम देने में कामयाब भी रहा था।

पांच पहले ही जेल में, यह छठी बड़ी मछली

इंदौर में व्यापारियों को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकाने के मामले में पुलिस आयुक्त के निर्देश पर टीआई नीरज मीणा के नेतृत्व में एक विशेष एसआईटी काम कर रही है। इस मामले में पहले ही 5 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। राहुल बाबा इस गैंग का छठा सदस्य है जिसे पुलिस ने जेल का रास्ता दिखाया है।

पहले गिरफ्तार हो चुके आरोपी:

  1. राजपाल चंद्रावत (निवासी नागदा) – गैंग का मुख्य मास्टरमाइंड, जिससे दिल्ली एनआईए की टीम भी यूएपीए के तहत पूछताछ कर चुकी है।

  2. सोनू उर्फ रितेश खंगार (निवासी इंदौर)

  3. सचिन उर्फ वेद प्रकाश शर्मा (निवासी उज्जैन)

  4. नाना उर्फ रोहित बर्रा (निवासी उज्जैन)

  5. कुलदीप (निवासी ग्राम कसारी चौहान, रतलाम)

खास बात: पूर्व में पकड़े गए मुख्य कड़ी राजपाल चंद्रावत से पुलिस रिमांड के दौरान मिली कड़ी पूछताछ और महत्वपूर्ण सुरागों के बाद ही पुलिस राहुल बाबा के गिरेबान तक पहुंच पाई।

पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड और आगे का प्लान

राहुल बाबा का पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड भी सामने आया है। साल 2020 में उसने अपने ही एक दोस्त के साथ हुए विवाद के बाद उसका अपहरण कर लिया था, जिस पर मामला दर्ज हुआ था। पुलिस अब उसके बाकी के आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है। क्राइम ब्रांच अब कोर्ट से राहुल बाबा का पुलिस रिमांड लेगी। रिमांड के दौरान उसके अंडर काम करने वाले 10-15 लड़कों के नेटवर्क, इंदौर में सक्रिय उसके अन्य मददगारों और हथियारों की सप्लाई चेन को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है। इंदौर पुलिस की इस मुस्तैदी की वजह से शहर में किसी बड़ी अनहोनी या फायरिंग की वारदात को वक्त रहते टाल दिया गया।

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