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प्रदेश की पहली ‘ड्रोन यूनिट’ और ‘ट्रैफिक साथी ऐप’ का भव्य आगाज़ इंदौर में

इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर ने आज स्मार्ट और हाईटेक पुलिसिंग की दुनिया में एक नया इतिहास रच दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज इंदौर के डीआरपी लाइन में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में प्रदेश की पहली अत्याधुनिक जिला ड्रोन यूनिट और यातायात को मक्खन जैसा सुगम बनाने वाली “इंदौर ट्रैफिक साथी” ऐप का रिबन काटकर शुभारंभ किया। इसके साथ ही, इंदौर पुलिस को कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के तहत चमचमाती गाड़ियां और बुलेट बाइक्स की सौगात भी मिली है, जो अब शहर की सड़कों पर अपराधियों के छक्के छुड़ाने और सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए दौड़ेंगी।

आसमान से ‘तीसरी आंख’ रखेगी गुंडों पर नज़र

इंदौर अब जमीन के साथ-साथ आसमान से भी सुरक्षित होगा। इस नई ड्रोन यूनिट के तहत 18 हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों से लैस ड्रोन शहर के आसमान में उड़ान भरेंगे।

  • रियल-टाइम मॉनिटरिंग: ये ड्रोन सीधे इंदौर पुलिस के कंट्रोल रूम से जुड़े होंगे, जिससे संवेदनशील इलाकों और भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों की लाइव फीड मिलेगी।

  • महिला कमांडोज के हाथ में कमान: इस यूनिट को ऑपरेट करने के लिए पुलिसकर्मियों की एक स्पेशल टीम बनाई गई है, जिसमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, जिन्हें ड्रोन उड़ान और तकनीकी विश्लेषण की कड़ी ट्रेनिंग दी गई है।

  • मल्टी-टास्किंग: अपराध नियंत्रण, वीआईपी सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और ट्रैफिक जाम से निपटने में यह यूनिट गेम-चेंजर साबित होगी। हाल ही में किए गए ट्रायल में इन ड्रोनों ने ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के धड़ाधड़ चालान भी काटे हैं।

जेब में रहेगा ‘इंदौर ट्रैफिक साथी’

इंदौरियों को ट्रैफिक की हर पल की अपडेट देने के लिए पुलिस ने “इंदौर ट्रैफिक साथी” ऐप लॉन्च किया है।

क्या होगा फायदा? इस ऐप के जरिए आम जनता को घर से निकलने से पहले ही रूट्स का डायवर्शन (मार्ग परिवर्तन), लाइव ट्रैफिक अपडेट्स और जाम की स्थिति का पता चल जाएगा। यह ऐप इंदौर की जनता और ट्रैफिक पुलिस के बीच एक मजबूत पुल का काम करेगी।

इंदौर पुलिस के बेड़े में शामिल हुईं ये नई ‘सिंघम’ गाड़ियाँ

  • एमपीसीए की 05 बोलेरो गाड़ियाँ: इनका उपयोग पुलिस की फील्ड रिस्पॉन्स टीम द्वारा किया जाएगा, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में पुलिस पलक झपकते ही मौके पर पहुँच सके।

  • सुमति धाम जैन समाज की 04 बुलेट मोटरसाइकिलें: ये दमदार बाइक्स शहर की तंग गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में गश्त और त्वरित पुलिस एक्शन के लिए तैनात की गई हैं।

मिशन: इन नए वाहनों के आने से पुलिस की फील्ड रिस्पॉन्स क्षमता, गश्त व्यवस्था और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुँच और अधिक तेज व सशक्त हो जाएगी।

“इंदौर का यह मॉडल पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा”—सीएम यादव

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर पुलिस की पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि “आधुनिक युग में तकनीक आधारित पुलिसिंग ही भविष्य की असली आवश्यकता है। ड्रोन तकनीक से पुलिसिंग का चेहरा बदल जाएगा। इंदौर पुलिस ने प्रदेश की पहली ड्रोन यूनिट बनाकर एक अनुकरणीय मिसाल पेश की है, जो जल्द ही मध्य प्रदेश के अन्य जिलों के लिए रोल मॉडल बनेगी।” इससे पहले स्वागत भाषण में पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने इस पूरे प्रोजेक्ट का खाका सामने रखा और बताया कि कैसे ये तकनीकी नवाचार इंदौर पुलिस को और अधिक पारदर्शी, तेज और जनता के प्रति जवाबदेह बनाएंगे।

इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने शहर के दिग्गज

इस गरिमामयी समारोह में मुख्यमंत्री के साथ इंदौर के सांसद शंकर लालवानी, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, विधायकगण—मधु वर्मा, मालिनी गौड़, गोलू शुक्ला, भाजपा प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे, आईडीए अध्यक्ष श्रवण चावड़ा सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही नगर सुरक्षा समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में ट्रैफिक प्रहरी भी इस उत्सव का हिस्सा बने।

इंदौर पुलिस का यह कदम साफ संदेश है कि अब अपराधी चाहे पाताल में छुपें या भीड़ का फायदा उठाएं, पुलिस की ‘स्मार्ट आंखें’ उन्हें ढूंढ ही निकालेंगी। “सुरक्षित इंदौर — स्मार्ट इंदौर” का सपना अब हकीकत में तब्दील हो चुका है।

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