अवैध संबंध और पुरानी रंजिश में नवीन पाटीदार की गोली मारकर हत्या, मुख्य साजिशकर्ता राहुल मराठा सहित 3 गिरफ्तार
इंदौर। इंदौर के बहुचर्चित नवीन पाटीदार हत्याकांड में राऊ थाना पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने फिल्मी अंदाज में फरारी काट रहे मुख्य साजिशकर्ता राहुल मराठा सहित तीन और आरोपियों को दबोच लिया है। इसके साथ ही इस सनसनीखेज ‘अंधे कत्ल’ के मामले में गिरफ्तार होने वाले आरोपियों की संख्या अब 7 हो गई है।
इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री की कहानी किसी बॉलीवुड क्राइम थ्रिलर से कम नहीं है, जिसमें अवैध संबंध, पुरानी दुश्मनी, 15 लाख रुपये की सुपारी और देशव्यापी फरारी का खतरनाक कॉकटेल शामिल है।
खाटू श्याम से गोवा तक पुलिस को छकाया
डीसीपी नरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि वारदात के बाद से ही आरोपी राहुल मराठा पर 10,000 रुपये का इनाम घोषित था। वह पुलिस से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। 12 अप्रैल की वारदात के बाद आरोपी खाटू श्याम, गोवा, मुंबई और नागपुर जैसी जगहों पर छिपा। लेकिन एसीपी और टीआई के नेतृत्व में लगीं 8 से 10 पुलिस टीमों ने लगातार पीछा कर आखिरकार उसे धर दबोचा। राहुल मराठा के साथ ही उसकी मदद करने वाले शुभम और पूरी साजिश का मुख्य हिस्सा रहे राजू खटीक को भी गिरफ्तार किया गया है।
क्यों दी गई 15 लाख रुपए की सुपारी
पुलिस पूछताछ में जो खुलासा हुआ है, उसने इस हत्याकांड की पूरी परतें खोलकर रख दी हैं। इस मर्डर के पीछे दो मुख्य वजहें (मोटिव) सामने आई हैं:
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भाई की हत्या का बदला: साजिशकर्ता राजू खटीक के भाई की डेढ़ साल पहले हत्या हुई थी, जिसका आरोप मृतक नवीन पाटीदार पर था। राजू अपने भाई की मौत का बदला लेना चाहता था।
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अवैध संबंध और मुखबिरी का गुस्सा: मुख्य आरोपी राहुल मराठा का मृतक नवीन पाटीदार की पत्नी भारती पाटीदार के साथ अवैध संबंध था। राहुल पहले से ही 20 मामलों में फरार अपराधी है। नवीन ने पुलिस में राहुल की मुखबिरी कर दी थी, जिससे राहुल नवीन का जानी दुश्मन बन बैठा था।
साजिश का ताना-बाना: नवीन पाटीदार को रास्ते से हटाने के लिए राहुल मराठा और राजू खटीक ने हाथ मिलाया। दोनों ने मुकेश कुमावत नाम के शख्स को 15 लाख रुपये की सुपारी दी। मुकेश ने आगे अजय धौलपुरिया और श्रीराम बलई नाम के दो शूटरों को हायर किया, जिन्होंने 12 अप्रैल को कैट रोड पर नवीन की गोली मारकर हत्या कर दी।
अब तक की गिरफ्तारियां
पहले दौर की कार्रवाई: पुलिस ने सबसे पहले लाइनअप और रेकी करने वाले मुकेश कुमावत, मृतक की पत्नी भारती पाटीदार और गोली मारने वाले दोनों शूटरों (अजय धौलपुरिया व श्रीराम बलई) को गिरफ्तार किया था।
दूसरे दौर की कार्रवाई (ताजा गिरफ्तारियां): पुलिस ने अब मुख्य साजिशकर्ता राहुल मराठा, दुश्मनी का बदला लेने वाले राजू खटीक और फरारी में मदद करने वाले सह-आरोपी शुभम को भी सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
कैसे हुआ था खुलासा
डीसीपी नरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि बीते 12 अप्रैल को राऊ थाना क्षेत्र के कैट रोड पर नवीन पाटीदार लहूलुहान हालत में मिला था, जिसकी अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। शुरुआती मर्ग जांच के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 के तहत हत्या का केस दर्ज किया। सीसीटीवी फुटेज और टेक्निकल एनालिसिस (कॉल डिटेल्स व लोकेशन) की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस पहले शूटरों तक पहुंची और अब इस पूरे खेल के ‘मास्टरमाइंड’ भी सलाखों के पीछे हैं।
