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मप्र में UCC जल्द, धार की भोजशाला में जल्द लौटेगी मां वाग्देवी की प्रतिमा

‘इंडिया@2047 कॉन्क्लेव’ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बड़ा एलान

नई दिल्ली/भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया@2047 कॉन्क्लेव’ में शिरकत की। इस मंच से उन्होंने सूबे के विकास, औद्योगिकीकरण, शिक्षा और सांस्कृतिक गौरव को लेकर कई बड़े और चौंकाने वाले ऐलान किए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि मध्यप्रदेश बहुत जल्द देश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने वाला अगला राज्य बनने जा रहा है।

आइये डालते हैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इस संबोधन की 5 बड़ी और मुख्य बातों पर एक नज़र:

MP में जल्द लागू होगा UCC

मुख्यमंत्री ने ‘एक निशान, एक विधान और एक कानून’ की राष्ट्रीय भावना का समर्थन करते हुए कहा कि देश के 3 राज्यों के बाद अब मध्यप्रदेश भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

  • हाई-लेवल कमेटी गठित: उच्चतम न्यायालय की रिटायर्ड जज न्यायमूर्ति श्रीमती रंजना देसाई की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है, जो जिला स्तर पर सभी वर्गों से राय ले रही है।

  • आदिवासियों को छूट: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि गुजरात की तर्ज पर प्रदेश के सभी जनजातीय समुदायों को यूसीसी से अलग रखा जाएगा। उन्हें अपने पारंपरिक रीति-रिवाजों को मानने की पूरी आजादी होगी।

भोजशाला में स्थापित होगी मां वाग्देवी की प्रतिमा

सांस्कृतिक विरासत का जिक्र करते हुए सीएम ने राजा भोज की कर्मस्थली धार का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि “हमारी सरकारें अब माननीय न्यायालयों के निर्णयों को पूरे सद्भाव और शांतिपूर्ण तरीके से लागू करा रही हैं, जैसा अयोध्या में हुआ। अब धार के भोजशाला परिसर में ज्ञान की देवी सरस्वती (मां वाग्देवी) की प्रतिमा को वापस लाकर स्थापित किया जाएगा। इससे क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन और स्थानीय रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।”

सीएम यादव अब EV से करेंगे सफर

वैश्विक स्तर पर ईंधन की चुनौती और वायु प्रदूषण से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने एक मिसाल पेश की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर मध्यप्रदेश सरकार ने पर्यावरण अनुकूल इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) खरीदा है। सीएम डॉ. यादव ने घोषणा की कि अब वे खुद इसी ईवी से यात्रा करेंगे ताकि ईंधन का संरक्षण हो सके।

MP में प्रति श्रमिक 5,000 की मदद

मुख्यमंत्री ने राज्य को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए उद्योग जगत को लेकर कई आंकड़े पेश किए:

  • लाखों करोड़ का निवेश: ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS-2025) में हुए 30 लाख करोड़ रुपए के MOU में से लगभग 30% निवेश धरातल पर उतर चुका है। बीते वर्ष में ही 10 लाख करोड़ का निवेश आया है।

  • रोजगार पर बड़ा ऑफर: राज्य सरकार की नीतियों से अब तक 2 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। सीएम ने ऐलान किया कि प्रदेश में रोजगार आधारित उद्योग लगाने पर सरकार प्रति श्रमिक 5,000 रुपए महीना आर्थिक सहायता 10 वर्षों तक देगी

  • विकेंद्रीकरण: पहली बार रीवा, ग्वालियर, नर्मदापुरम और कटनी जैसे शहरों में ‘रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव’ कर उद्योगों को इंदौर-भोपाल से बाहर जिलों तक पहुंचाया गया है।

शिक्षा और महिला कल्याण में रिकॉर्ड तोड़ रफ्तार

  • मेडिकल कॉलेजों की झड़ी: वर्ष 2002-03 तक राज्य में केवल 5 मेडिकल कॉलेज थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 30 हो गई है। इनमें से 7 नए मेडिकल कॉलेज पिछले 2 साल में ही शुरू किए गए हैं।

  • नए विश्वविद्यालय: टंट्या मामा यूनिवर्सिटी (खरगोन), तात्या टोपे यूनिवर्सिटी (गुना) और रानी अवंती बाई लोधी यूनिवर्सिटी (सागर) के रूप में 3 नए सरकारी विश्वविद्यालय शुरू किए गए हैं। साथ ही सभी 55 जिलों में ‘पीएम एक्सीलेंस कॉलेज’ काम कर रहे हैं।

  • लाड़ली बहनों को 55 हजार करोड़: महिला सशक्तिकरण का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए उन्होंने बताया कि पात्र लाड़ली बहनों को अब तक 36 किस्तें दी जा चुकी हैं, जिसके तहत कुल 55 हजार करोड़ रुपए से अधिक की सहायता सीधे बैंक खातों में भेजी गई है।

“हम मध्यप्रदेश में खुले विचार और खुले हृदय के साथ काम कर रहे हैं। हमारा एकमात्र संकल्प विकसित भारत @2047 के सपने को पूरा करने के लिए ‘विकसित मध्यप्रदेश @2047’ का निर्माण करना है।”डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, म.प्र.

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