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मप्र में मौसम का ‘मिजाज’ बदलने को तैयार, कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट

भोपाल। मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के दौर के बीच अब मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में आगामी 24 घंटों के लिए गरज-चमक, आंधी और तेज हवाओं के साथ वर्षा की संभावना जताई है। एक ओर जहाँ प्रदेश के कुछ हिस्सों में अभी भी गर्मी का असर है, वहीं मौसम विभाग की चेतावनी ने लोगों को सतर्क कर दिया है।

इन जिलों में येलो अलर्ट: आंधी-तूफान और ओलावृष्टि की चेतावनी

मौसम विभाग ने आगामी 13 जून 2026 की सुबह तक के लिए चेतावनी जारी की है। दतिया, भिंड, मुरैना, सिवनी, बालाघाट, छतरपुर और टीकमगढ़ के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि, बिजली गिरने और 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

इसके अलावा, भोपाल, विदिशा, रायसेन, इंदौर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, मंडला, पन्ना, दमोह, सागर, महर और पांढुर्णा जिलों में गरज-चमक और 40-50 किमी/घंटा की गति से हवाएं चल सकती हैं।

तापमान में आएगी गिरावट

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश में अगले 3 दिनों के भीतर तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। भोपाल के लिए पूर्वानुमान है कि यहाँ आकाश में आंशिक बादल छाए रहेंगे और शाम/रात के समय गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा हो सकती है, जहाँ अधिकतम तापमान 39°C और न्यूनतम तापमान 28°C के आसपास रहने का अनुमान है।

पिछले 24 घंटों का हाल: खजुराहो रहा सबसे गर्म

शुक्रवार (12 जून) तक के आंकड़ों के अनुसार:

  • सबसे गर्म: खजुराहो (छतरपुर) और नौगाँव में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 43.0°C दर्ज किया गया।
  • सबसे ठंडा: सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.8°C पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में दर्ज किया गया।
  • वर्षा: गोरिहार (56.0 मिमी) और देवेंद्रनगर (48.3 मिमी) में अच्छी बारिश दर्ज की गई। छिंदवाड़ा जिले में लू का असर देखा गया।

मौसम विभाग की सलाह: सावधानी बरतें

मौसम विभाग ने जनमानस से अपील की है कि गरज-चमक की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर रहें। पेड़ के नीचे न रुकें और बिजली के उपकरणों का उपयोग न करें। कच्चे मकानों या खुले खेतों में काम करने वाले किसान विशेष सावधानी बरतें। पक्के घरों के भीतर रहें और बिजली के तारों व धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखें।

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