धार भोजशाला प्रसंग और बसंत पंचमी पर पुलिस की मुस्तैदी को सराहा
भोपाल। मध्यप्रदेश में कानून-व्यवस्था को चाक-चौबंद करने और पुलिस बल को आधुनिक चुनौतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गृह विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। मंत्रालय में हुई इस बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन (वर्चुअली), पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा सहित गृह विभाग के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में मुख्यमंत्री ने दोटूक शब्दों में कहा कि प्रदेश में अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए। संगठित अपराधियों पर पैनी नजर रखने के साथ ही मुखबिर तंत्र को और अधिक मजबूत किया जाए।
सजग, सक्रिय और सूझबूझ के लिए दी बधाई
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला प्रसंग और बसंत पंचमी के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की भूमिका की विशेष रूप से सराहना की। मुख्यमंत्री ने धार भोजशाला मामले में पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निभाई गई सजग, सक्रिय और सूझबूझ भरी भूमिका के लिए पूरी फोर्स को बधाई दी और आगे भी इसी तरह अलर्ट रहने के निर्देश दिए।
शिक्षा केंद्रों के पास छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं
महिला अपराधों और उनकी सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव बेहद गंभीर नजर आए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। स्कूल, कॉलेज और कोचिंग सेंटर्स जैसे शिक्षा केंद्रों के आसपास छेड़छाड़ की घटनाओं को पूरी तरह रोकने के लिए पुलिस को निरंतर गश्त और सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। मध्यप्रदेश देश में एक नई और अनूठी पहल करने जा रहा है। इसके तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके ‘सेफगार्ड एमपी’ प्रणाली विकसित की जा रही है, जो विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों और कमजोर व्यक्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।
विवेचना अधिकारियों को मिलेगा ‘अन्वेषण भत्ता’
बदलते दौर में पुलिस को आधुनिक संसाधनों से लैस करने के लिए सरकार बड़े कदम उठा रही है। अपराधों की सटीक जांच के लिए मध्यप्रदेश में ‘अन्वेषण भत्ता’ लागू करने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इसके तहत मौका-ए-वारदात पर तुरंत पहुंच, साक्ष्य संकलन (Evidence Collection), डिजिटल साक्ष्य संग्रह, फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी, गवाहों और पीड़ितों के परिवहन, भोजन तथा अदालती प्रक्रिया से जुड़े आकस्मिक खर्चों के लिए विवेचना अधिकारियों को यह विशेष भत्ता दिया जाएगा। इसके लिए अन्य राज्यों की व्यवस्थाओं का अध्ययन भी कर लिया गया है।
सायबर क्राइम और AI के दुरुपयोग से निपटेगी पुलिस
सायबर अपराधों के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए गृह विभाग प्राथमिकता के आधार पर आईटी एक्सपर्ट्स की मदद लेगा। सोशल मीडिया आधारित अपराधों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते दुरुपयोग के विश्लेषण के लिए राज्य सायबर सेल में विषय विशेषज्ञों की सेवाएं ली जाएंगी। पुलिसिंग को और मजबूत करने के लिए ‘मध्यप्रदेश पुलिस चयन और भर्ती बोर्ड’ के गठन की पहल की जा रही है।
सिंहस्थ 2028 के लिए बनेगा ‘स्थायी’ इंफ्रास्ट्रक्चर
उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ-2028 को लेकर भी बैठक में व्यापक चर्चा हुई। भीड़ प्रबंधन , यातायात, वीआईपी सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की व्यवस्था की जा रही है। सीएम ने निर्देश दिए कि सिंहस्थ की दृष्टि से जो भी कंट्रोल रूम या सुरक्षा व्यवस्थाएं बनाई जाएं, उन्हें तात्कालिक न बनाकर स्थायी अधोसंरचना के रूप में विकसित किया जाए, ताकि महाकाल की नगरी में आने वाले श्रद्धालुओं को इसका हमेशा लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री के अन्य प्रमुख निर्देश:
- नशा विरोधी अभियान: युवाओं को नशे के जाल से बचाने के लिए प्रदेशभर में ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी रखने के निर्देश।
- किसानों की सुरक्षा: कृषक कल्याण वर्ष के तहत गांवों से रोज दूध-सब्जी लाने वाले किसानों को सड़क दुर्घटनाओं से बचाने के लिए हेलमेट दिए जा रहे हैं। पुलिस इस अभियान में नागरिकों को जागरूक करे।
- पुलिसकर्मियों को ‘आशियाना’: पुलिस जवानों के लिए कम खर्च पर बेहतर आवास उपलब्ध कराने के लिए पुलिस हाउसिंग बोर्ड को वैकल्पिक और किफायती मॉडल विकसित करने को कहा गया है।
इस बैठक से साफ है कि मध्यप्रदेश सरकार जहां एक तरफ पुलिस बल को तकनीकी रूप से अपग्रेड कर रही है, वहीं दूसरी तरफ कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त रुख अपनाने के मूड में है।
