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श्रवण एवं वाक् बाधितों के अधिकारों के लिए गूंजा ‘अनुगूंज’ अभियान, हाई कोर्ट के जजेस ने की शुरुआत

धार में ‘मौन’ को मिला न्याय का साथ

कानूनी ज्ञान के साथ सीखे स्ट्रेस मैनेजमेंट के गुर, पेंशन और UIDAI कार्ड की दिक्कतों का मौके पर ही हुआ निपटारा

धार। मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार, जिला न्यायालय परिसर धार के एडीआर भवन में शनिवार को एक बेहद खास और संवेदनशील पहल देखने को मिली। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ममता जैन की अध्यक्षता में श्रवण एवं वाक् बाधित भाई-बहनों के लिए “अनुगूंज” विधिक साक्षरता शिविर का भव्य आयोजन किया गया। इस अनूठे अभियान का उद्देश्य समाज के उस हिस्से तक न्याय और अधिकारों की गूंज पहुंचाना है, जो बोल और सुन नहीं सकते।

हाई कोर्ट के जजेस ने किया प्रदेशव्यापी ऑनलाइन शुभारंभ

यह आयोजन केवल धार तक सीमित नहीं था, बल्कि यह एक ऐतिहासिक प्रदेशव्यापी अभियान का हिस्सा है। इस ‘अनुगूंज’ आउटरीच प्रोग्राम का ऑनलाइन शुभारंभ शनिवार को मप्र उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति व मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक न्यायमूर्ति विवेक रूसिया एवं न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा द्वारा किया गया।

विशेषज्ञों ने सिखाए तनाव मुक्ति और अधिकारों के गुर

शिविर में केवल कानूनी बातें ही नहीं हुईं, बल्कि दिव्यांगजनों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए हर पहलू पर चर्चा की गई। सुप्रीम कोर्ट की ‘मीडिएशन काउंसिलिएशन प्रोजेक्ट समिति’ (MCPC) की वरिष्ठ प्रशिक्षक अनुजा सक्सेना ने बताया कि कैसे आपसी विवादों को मध्यस्थता के जरिए आसानी से सुलझाया जा सकता है। सामाजिक न्याय दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के कमिश्नर अजय खेमरिया ने दिव्यांगजनों के अधिकारों और उनके लिए चलाई जा रही शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। 

योग एक्सपर्ट और साइकोलॉजिस्ट पराग जैन ने श्रवण एवं वाक् बाधित भाई-बहनों को तनाव से मुक्त रहने और भावनात्मक रूप से मजबूत बनने के बेहतरीन उपाय सिखाए। मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की सदस्य सचिव सुमन श्रीवास्तव ने दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और उन्हें मिलने वाली मुफ्त कानूनी सहायता के बारे में जागरूक किया।

मौके पर ही हुआ समस्याओं का समाधान

दिव्यांगजन को कानूनी सेवाओं, सरकारी योजनाओं और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा उनकी समस्याओं का तुरंत निराकरण करना था। इस शिविर की सबसे अच्छी बात यह रही कि यहाँ सिर्फ भाषण नहीं हुए, बल्कि काम भी हुआ। आयोजन में मौजूद श्रवण एवं वाक् बाधित व्यक्तियों की पेंशन, यूआईडीआई कार्ड और अन्य समस्याओं के मौके पर ही निपटारे के लिए सामाजिक न्याय विभाग के पदाधिकारियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

इस बेहद संवेदनशील और सफल कार्यक्रम में जिला न्यायालय-धार के समस्त न्यायाधीशगण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव प्रदीप सोनी, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (धार) के उपसंचालक दिनेश वर्मा, जिला विधिक सहायता अधिकारी सिमोन सुलिया और एलएडीसी की टीम मौजूद रही। इस शिविर में लगभग 40 से अधिक श्रवण एवं वाक् बाधित दिव्यांगजनों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। धार जिला न्यायालय की इस मानवीय पहल की अब हर तरफ सराहना हो रही है।

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