कलेक्ट्रेट के गेट नंबर 2 पर लोकायुक्त का जाल: गैस एजेंसी संचालक से 20 हजार रुपए लेते रंगे हाथों धराए
इंदौर। इंदौर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने आज (15 जून) कलेक्ट्रेट परिसर के गेट नंबर-2 के सामने स्थित एक चाय की गुमटी पर कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़े मामले का खुलासा किया है। लोकायुक्त टीम ने देवास के एक गैस एजेंसी संचालक से केस दर्ज न करने के एवज में रिश्वत की बची हुई राशि में से 20,000 रुपये लेते हुए आरोपी रामू लोहिया को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी राहुल शर्मा के इशारे पर की गई, जो इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी है। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
धमकी देकर मांगी थी 2.5 लाख की रिश्वत
मामले का विवरण देते हुए लोकायुक्त अधिकारियों ने बताया कि सोनकछ (जिला देवास) स्थित पटेल एचपी गैस ग्रामीण वितरक एजेंसी के सह-संचालक प्रमोद दुबे को बीते 6 मई 2026 को कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी राहुल शर्मा ने कमर्शियल गैस सिलेंडर अधिक दाम पर बेचने का आरोप लगाकर केस बनाने की धमकी दी थी। केस से बचने के बदले में 2,50,000 रुपये की मांग की गई थी। बाद में सौदा 1,50,000 रुपये में तय हुआ, जिसमें से 1,00,000 रुपये आरोपी अधिकारी उसी समय ले चुका था।
जाल बिछाकर ऐसे दबोचा
बाकी बचे 50,000 रुपये में से 20,000 रुपये की किश्त देने के लिए आवेदक प्रमोद दुबे ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय से शिकायत की थी। शिकायत का सत्यापन सही पाए जाने पर कार्यवाहक निरीक्षक आशुतोष मिठास के नेतृत्व में एक विशेष ट्रैपदल का गठन किया गया। योजना के मुताबिक, जैसे ही राहुल शर्मा के कहने पर उसके मददगार रामू लोहिया ने आवेदक से 20,000 रुपये की रिश्वत ली, लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
इसके बाद जब रामू लोहिया ने मुख्य आरोपी राहुल शर्मा को कलेक्ट्रेट के सामने चाय की दुकान पर वह लिफाफा देने की कोशिश की, तो अधिकारी ने कलेक्ट्रेट परिसर में पैसे लेने से मना करते हुए उसे बाद में घर आकर देने को कहा। इस पूरी बातचीत और घटनाक्रम के बाद लोकायुक्त ने दोनों आरोपियों को अपनी गिरफ्त में ले लिया।
विधिक स्थिति: आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 एवं भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) की धारा 61(2) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। ट्रैपदल में शामिल कार्यवाहक निरीक्षक आशुतोष मिठास, कार्यवाहक प्रआर विवेक मिश्रा और अन्य आरक्षक मामले की अग्रिम वैधानिक औपचारिकताएं पूरी कर रहे हैं।
बैकग्राउंड और प्रभाव
महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख एवं उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह के निर्देशों के बाद इंदौर संभाग में भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ लोकायुक्त संगठन लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए है। कलेक्ट्रेट जैसी सुरक्षित और संवेदनशील जगह के ठीक बाहर हुई इस कार्रवाई से शासकीय विभागों में हड़कंप मच गया है। लोकायुक्त कार्यालय ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो वे सीधे इंदौर कार्यालय (मोती बंगला, एम.जी. रोड) या दूरभाष नंबर 0731-2533160 और 0731-2430100 पर संपर्क कर भ्रष्टाचार के खिलाफ इस अभियान में सहयोग कर सकते हैं।
