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एक्सीडेंट का बहाना बना लूटने वाली मेरठ की गैंग इंदौर में दबोची गई

आँखों में मिर्ची डालकर करते थे लूट और फिर इंदौर से हो जाते थे गायब

हवाला व्यापारी को निशाना बनाने से पहले पुलिस ने रंगे हाथों पकड़ा

इंदौर। इंदौर की भँवरकुआं, राजेंद्र नगर और आज़ाद नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने रविवार रात पालदा क्षेत्र से एक अंतरराज्यीय डकैत गिरोह के पाँच सदस्यों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। उत्तर प्रदेश के मेरठ का यह गिरोह एक्सीडेंट का बहाना बनाकर कारों को रोकता था और मौक़ा पाकर या आँखों में मिर्ची झोंककर लूट की वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस ने इनके पास से लूट के 33 मोबाइल फोन (जिसमें एप्पल कंपनी का फोन शामिल है), एक लैपटॉप और वारदातों में इस्तेमाल होने वाली सफेद रंग की वैगनआर (WagonR) कार जब्त की है। गिरोह यहाँ एक हवाला व्यापारी से बड़ी रकम लूटने की योजना बना रहा था, जिसे पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर घेराबंदी करके नाकाम कर दिया।

डीसीपी सुनील मेहता के अनुसार, इस गिरोह ने इंदौर शहर में हाल ही में दो प्रमुख वारदातों को अंजाम दिया था। पहली घटना 6 जून को हुई थी, जहाँ बदमाशों ने मनोज जैन नामक व्यक्ति की कार को एक्सीडेंट का बहाना बनाकर रुकवाया। जैसे ही मनोज ने कार का काँच खोला, आरोपी उनका 1 लाख रुपए की नगदी से भरा बैग लेकर फरार हो गए। इसके दो-तीन दिन बाद गिरोह ने राजेंद्र नगर क्षेत्र में इसी तरीक़े (मोडस ऑपरेंडी) से कुणाल सिंघवी नाम के व्यक्ति की कार रोककर उनका आईफोन लूट लिया था। लगातार हो रही इन वारदातों को देखते हुए ज़ोन 1 के डीसीपी नरेंद्र रावत और ज़ोन 4 के डीसीपी सुनील मेहता के निर्देशन में तीन थानों की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया था, जिसने इस गिरोह को दबोचने में सफलता पाई।

वारदात के बाद शहर के बाहर

यह गिरोह बिना हथियारों के सिर्फ मिर्ची पाउडर के सहारे वारदातों को अंजाम देता था। पूछताछ में आरोपियों ने कबूला है कि वे वारदात करने के बाद शहर से बाहर चले जाते थे और अगली योजना बनाकर ही वापस लौटते थे। इंदौर के अलावा इस गिरोह ने महाराष्ट्र के नासिक, धुले (धूलिया), गुजरात के बड़ौदा, सूरत, वापी, दाहोद और तक्ष जैसे कई शहरों में डकैती और लूट की कई वारदातें करना स्वीकार किया है।

मामले का बैकग्राउंड और आगे की कार्रवाई

पुलिस अब इस गिरोह के मास्टरमाइंड की भूमिका को लेकर विस्तृत विवेचना कर रही है, जिसका खुलासा कानूनी प्रक्रिया के तहत बाद में किया जाएगा। इसके साथ ही, जब्त की गई वैगनआर कार के दस्तावेज़ों की जाँच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह कार आरोपियों की खुद की है या उन्होंने इसे भी किसी अन्य राज्य या शहर से चुराया था। पुलिस को उम्मीद है कि पकड़े गए आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ के बाद देश के अलग-अलग राज्यों में की गई कई अन्य बड़ी चोरियों और लूट की वारदातों का भी खुलासा हो सकेगा।

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