सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक मैसेज से तनावपूर्ण हुआ था माहौल
धार। सोशल मीडिया पर फैली एक अफवाह ने मंगलवार शाम धार शहर में अचानक तनाव और असमंजस की स्थिति पैदा कर दी। इंदौर हाई कोर्ट द्वारा हटवाड़ा स्थित सरकारी इमामबाड़े (PWD भवन) को खोलने की झूठी खबर वायरल होते ही देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में मुस्लिम समाज के युवा परिसर के बाहर जमा हो गए। इस दौरान वहां जमकर नारेबाजी और हंगामा हुआ, जिससे माहौल बेहद संवेदनशील हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर मोर्चा संभालना पड़ा।

मंगलवार रात करीब 9:30 बजे धार शहर के हटवाड़ा इलाके में स्थित लोक निर्माण विभाग (PWD) के आधिपत्य वाले इमामबाड़ा भवन के बाहर यह पूरी घटना घटी। दरअसल, इमामबाड़ा कमेटी द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में लगाई गई रिट पिटीशन पर मंगलवार को सुनवाई हुई थी। कोर्ट ने मामले में कोई अंतिम फैसला न सुनाते हुए अगली सुनवाई के लिए 25 जून की तारीख तय की है। लेकिन शाम को सोशल मीडिया पर यह गलतफहमी फैल गई कि न्यायालय ने मोहर्रम पर्व को देखते हुए मुस्लिम समाज को इमामबाड़ा छह दिनों के लिए खोलने की अनुमति दे दी है। इस भ्रामक संदेश के कारण बड़ी संख्या में लोग वहां एकत्र हो गए। इसी बीच पारंपरिक मेहंदी की रस्म के लिए महिलाएं और मजनू का रूप धारण किए लोग भी पहुंचे, जिसका विरोध करने के लिए अलग-अलग कॉलोनियों के युवा वहां जमा हो गए और सड़क पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। कुछ युवाओं का यह भी विरोध था कि जब तक पूरा समाज एक होकर मोहर्रम मनाने की हामी नहीं भरता, तब तक कोई व्यक्तिगत रूप से यहां आकर रस्मों को न निभाए।

हालात की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर, एसडीएम, तहसीलदार, आरआई सहित कोतवाली, नौगांव और अन्य थानों का पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा। स्थिति को संभालने के लिए डीआरपी लाइन के जवानों और ब्लैक कमांडो को भी तैनात किया गया। अधिकारियों ने समाज के वरिष्ठजनों के सहयोग से भीड़ को कोर्ट के वास्तविक आदेश की जानकारी दी और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। काफी समझाइश के बाद भी जब प्रदर्शनकारी नहीं माने, तो पुलिस ने हल्के बल का प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ा और इलाके को पूरी तरह खाली कराया।
क्या है मामला
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष 20 अगस्त को प्रशासन ने इस इमामबाड़ा भवन को, जो अब PWD भवन है, अपने कब्जे में लेकर सील कर दिया था। इसके बाद मुस्लिम समाज इस कार्रवाई के खिलाफ न्यायालय की शरण में गया था, जहां यह मामला अभी विचाराधीन है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर ने आधिकारिक बयान में बताया कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और शहर में शांति कायम है। एहतियात के तौर पर हटवाड़ा, पीडब्ल्यूडी भवन, शहर के प्रमुख चौराहों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस पॉइंट लगा दिए गए हैं और लगातार गश्त की जा रही है। प्रशासन ने नागरिकों से सख्त अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट सूचना या सोशल मीडिया की अफवाहों पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। अब इस मामले की दिशा 25 जून को होने वाली अगली सुनवाई के बाद तय होगी।
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