एसपी सचिन शर्मा ने दी साइबर ठगों से बचने की अचूक सलाह
धार। आज के डिजिटल युग में एक गलत क्लिक आपकी जिंदगी भर की कमाई साफ कर सकता है। इसी खतरे से आपको बचाने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस एक ढाल बनकर सामने आई है। ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे नए दौर के साइबर अपराधों को मात देने के लिए जागरूकता को ही सबसे बड़ा हथियार बनाया गया है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के निर्देशों पर पुलिस मुख्यालय द्वारा देश का सबसे बड़ा साइबर जागरूकता अभियान ‘सेफ क्लिक 2.0’ (SAFE CLICK–2026) शुरू किया गया है। इसी कड़ी में धार जिले के पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा द्वारा जिलेवासियों से इस अभियान से जुड़ने की विशेष अपील की गई है। धार जिले में यह अभियान 24 जून 2026 से 08 जुलाई 2026 तक संचालित किया जा रहा है।
एसपी सचिन शर्मा ने एक वीडियो संदेश के जरिए नागरिकों को जागरूक करते हुए बताया कि साइबर अपराधी तकनीकी रूप से बहुत ज्यादा सक्षम नहीं होते, बल्कि वे आम लोगों के मनोविज्ञान यानी उनके डर, लालच और जल्दबाजी का फायदा उठाकर ठगी को अंजाम देते हैं।
ठगी के तीन मुख्य तरीके और उनसे बचाव
- डर का खेल (डिजिटल अरेस्ट व फर्जी कॉल) : ठग अक्सर सरकारी अधिकारी बनकर वीडियो कॉल करते हैं और डराते हैं कि आपके नाम से कोई संदिग्ध कूरियर आया है या आपका कोई परिजन किसी अपराध में पकड़ा गया है। इस डर में लोग बिना सोचे-समझे बड़ा ट्रांजैक्शन कर बैठते हैं। ऐसे कॉल आने पर डरें नहीं, संयम रखें और तुरंत शिकायत करें।
- लालच का जाल (फर्जी लॉटरी व स्कीम्स) : लोगों को पैसे डबल करने या ऊंचे रिटर्न वाली फर्जी स्कीम्स का लालच देकर लाखों रुपये ठग लिए जाते हैं। ऑनलाइन मिलने वाले ऐसे किसी भी प्रलोभन में न आएं।
- जल्दबाजी और हड़बड़ाहट (KYC व OTP फ्रॉड) : खाता बंद होने या सरकारी लाभ रुकने का डर दिखाकर तुरंत KYC अपडेट करने को कहा जाता है। लोग जल्दबाजी में OTP या डेबिट कार्ड की डिटेल्स शेयर कर देते हैं। याद रखें, कोई भी बैंक फोन पर ऐसी संवेदनशील जानकारी नहीं मांगता। हमेशा क्रॉस-चेक करें।
मुख्य संदेश : साइबर अपराधी किसी एक सीमा या क्षेत्र में बंधकर काम नहीं करते, वे देश या विदेश में कहीं से भी एक्टिव हो सकते हैं। इनसे बचने का मूलमंत्र है— ‘सोचें • समझें • फिर क्लिक करें’।
इस 15 दिवसीय व्यापक अभियान का उद्देश्य धार जिले के हर नागरिक, किसान और युवा तक साइबर सुरक्षा का पाठ पहुंचाना है, जिससे आने वाले समय में जिले में साइबर अपराधों के ग्राफ में भारी कमी आने की उम्मीद है। पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस अभियान के माध्यम से डिजिटल रूप से साक्षर और सुरक्षित समाज का निर्माण होगा।
यदि आपके साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी होती है, तो बिना समय गंवाए तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते आपके पैसे होल्ड किए जा सकें।
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