धार। धार जिला पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। सरदारपुर पुलिस टीम ने रिंगनोद ताराघाटी क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई डकैती की वारदात का पूरी तरह पर्दाफाश कर दिया है। तकनीकी साक्ष्यों और मुस्तैद मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने मामले के सभी छह आरोपियों (जिसमें एक विधि-विरुद्ध बालक भी शामिल है) को सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटी गई रकम में से कुल 2,03,000 रुपए नगद और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है।
यह सनसनीखेज वारदात 05 मई 2026 को दोपहर करीब 2:30 बजे भीलखेड़ी वन चौकी के पास घटित हुई थी। फरियादी पप्पु (निवासी ग्राम चामझर) अपनी पत्नी के साथ रिंगनोद से करीब ढाई किलोग्राम चांदी गिरवी रखकर मिले 2,70,000 रुपए लेकर मोटरसाइकिल से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन अज्ञात बदमाशों ने उनका पीछा किया, ओवरटेक करके उन्हें गिरा दिया और नगदी से भरा थैला लूटकर फरार हो गए। फरियादी की शिकायत पर थाना सरदारपुर में अपराध क्रमांक 122/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 304(2) और 310(2) के तहत जांच शुरू की गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार जाधव और चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक गुलाबसिंह भयड़िया के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस ने साइबर सेल की तकनीकी मदद, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय इनपुट्स के आधार पर कड़ियां जोड़ना शुरू किया।
इसी कड़ी में पुलिस ने पहले गोकुल, मुकाम, लोकेश और एक विधि-विरुद्ध बालक को गिरफ्तार कर उनके पास से 1,36,000 रुपए और वारदात में इस्तेमाल बाइक जब्त की थी। इसके बाद लगातार की गई पतारसी के बाद बीते 24 जून को पुलिस ने दो और फरार आरोपियों सन्नी डावर और प्रवीण उर्फ नन्नू डावर (दोनों निवासी कालीदेवी, टांडा) को भी दबोच लिया। इनके कब्जे से 67,000 रुपए की नगद राशि बरामद हुई। इस प्रकार अब मामले के सभी छह आरोपी पुलिस की कस्टडी में हैं।
इस अंधे कत्ल और डकैती जैसी बड़ी वारदात का खुलासा होने से क्षेत्र के व्यापारियों और ग्रामीणों में सुरक्षा का भाव मजबूत होगा। दिनदहाड़े वन चौकी के पास हुई इस घटना ने पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे, लेकिन सरदारपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी विश्लेषण (साइबर सेल) के सटीक उपयोग ने अपराधियों में कड़ा संदेश दिया है।
इस सराहनीय कार्य में उपनिरीक्षक गुलाबसिंह भयड़िया, सहायक उपनिरीक्षक जितेन्द्र नरवरिया, प्रधान आरक्षक मेहरसिंह बडोले, आरक्षक शिवजी श्रीवास्तव, राहुल मंडलोई, मुनसिंह मईड़ा, दिनेश सोलंकी एवं अनिल जाधव की सराहनीय एवं महत्वपूर्ण भूमिका रही।
