धार वन मंडल ने बीट बड़ाबरखेड़ा में आयोजित किया विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम
धार। धार जिले के प्राकृतिक परिवेश को अधिक समृद्ध और हरा-भरा बनाने के लिए वन विभाग ने कमर कस ली है। आगामी मानसून में जंगलों को नया जीवन देने और पौधों के जीवित रहने की दर (सरवाइवल रेट) को बढ़ाने के लिए एक विशेष वैज्ञानिक तकनीक को मैदानी स्तर पर उतारने की तैयारी पूरी हो चुकी है।
इसके तहत धार वन मंडल के अंतर्गत शनिवार को वनों के संरक्षण और हरित क्षेत्र के विस्तार हेतु एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह ‘वन मंडल स्तरीय रूट शूट वृक्षारोपण तकनीक’ प्रशिक्षण बीट बड़ाबरखेड़ा (कक्ष क्रमांक 541) में संपन्न हुआ, जो वन मंडल अधिकारी विजयानंथम टीआर के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में उप वन मंडल अधिकारी सुनील सुलिया, समस्त वन परिक्षेत्र अधिकारी, परिक्षेत्र सहायक और वन विभाग का मैदानी अमला मुख्य रूप से उपस्थित रहा।
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य वन अमले को ‘रूट शूट’ आधारित पौधारोपण की वैज्ञानिक एवं प्रभावी विधियों से पूरी तरह अवगत कराना था। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों द्वारा मैदानी प्रदर्शन के जरिए कर्मचारियों को पौधों के चयन, गड्ढों की तैयारी और रोपण की बारीकियों का व्यावहारिक ज्ञान दिया गया, ताकि मैदानी अमला बिना किसी चूक के इस तकनीक का सही क्रियान्वयन कर सके।
इस वैज्ञानिक तकनीक का वास्तविक उपयोग आगामी मानसून सत्र में किया जाएगा। वन मंडल अधिकारी के अनुसार, ‘रूट शूट’ तकनीक के उपयोग से न केवल पौधों की जीवित रहने की दर में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, बल्कि यह धार जिले के वनों के पुनर्स्थापन और भविष्य में किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियानों को और अधिक सफल बनाएगा। वन विभाग की यह अनूठी पहल आने वाले समय में जिले के हरित आवरण को और मजबूती प्रदान कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।
