पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्रकरण किया दर्ज, जांच जारी
धार। धार जिले के अंतर्गत सरदारपुर क्षेत्र से एक बेहद निंदनीय और संवेदनशील घटना सामने आई है, जिसने स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। यहाँ अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा आदिवासी समाज के परम पूज्य, महान क्रांतिकारी और जननायक टंट्या मामा की प्रतिमा को जानबूझकर नुकसान पहुँचाया गया। इस कृत्य के बाद पूरे क्षेत्र के ग्रामीणों और आदिवासी समाज की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुँची है, जिससे इलाके में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
यह घटना सरदारपुर थाना मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर बदनावर रोड पर स्थित ग्राम जौलाना (मौलाना) तिराहे पर घटित हुई। पुलिस के अनुसार, अज्ञात शरारती तत्व द्वारा मूर्ति से छेड़छाड़ की यह घटना 28 जून की रात 8:00 बजे से 29 जून की दोपहर 2:00 बजे के बीच की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्राम गोलपुरा निवासी 31 वर्षीय फरियादी राजेंद्र पिता तोलाराम गामड़ ने सोमवार रात थाने पहुँचकर शिकायत दर्ज कराई। फरियादी के देर से पहुँचने के कारण सरदारपुर थाना पुलिस ने 29 जून की रात 11:21 बजे अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 298 और 324(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
विधायक के नेतृत्व में प्रदर्शन और प्रशासन को चेतावनी
इस घटना के विरोध में सर्व आदिवासी समाज ने क्षेत्रीय विधायक प्रताप ग्रेवाल के नेतृत्व में सोमवार 29 जून को सरदारपुर थाने पर जोरदार प्रदर्शन किया। समाज के लोगों ने अनुविभागीय अधिकारी पुलिस विश्वदीपसिंह परिहार को एक ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। जीवन गिरवाल द्वारा वाचन किए गए इस ज्ञापन में समाज ने मांग रखी है कि घटना की निष्पक्ष व त्वरित जांच हो, 24 घंटे के भीतर दोषियों को गिरफ्तार कर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए। इस दौरान ब्रजेश ग्रेवाल, बालूसिंह बारिया, भारत सिंह खराड़ी सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में इस बात का डर है कि यह कृत्य समाज में आपसी वैमनस्य फैलाने और कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की सोची-समझी कोशिश हो सकता है। प्रदर्शन के दौरान विधायक प्रताप ग्रेवाल ने प्रशासनिक सतर्कता पर जोर देते हुए कहा कि टंट्या मामा केवल एक योद्धा नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ लड़ाई के अमर प्रतीक हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में महापुरुषों की प्रतिमाओं के साथ ऐसी अपमानजनक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पुख्ता सुरक्षा उपाय और आवश्यक इंतजाम किए जाएं। फिलहाल पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर अज्ञात आरोपी की तलाश तेज कर दी है ताकि क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द बना रहे।
