जमीन के विवाद में लाठी-डंडे और फालिए चले, महिलाओं-बुजुर्गों समेत कई घायल
धार। मानसून की शुरुआत के साथ ही ग्रामीण इलाकों में खेतों की बुआई का काम तेजी से शुरू हो चुका है, लेकिन इसके साथ ही जमीनी रंजिश और विवाद भी हिंसक रूप लेने लगे हैं। धार जिले के मनावर थाना क्षेत्र में महज कुछ ही घंटों के भीतर दो अलग-अलग गांवों में बुआई के दौरान खूनी संघर्ष देखने को मिला। जमीन पर कब्जे और बुआई की बात को लेकर हुए इन हमलों में हमलावरों ने धारदार फालिए, लाठियों और पत्थरों का खुलकर इस्तेमाल किया, जिसमें दोनों पक्षों के कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पुलिस ने दोनों मामलों में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
हमले में पूरा परिवार घायल, जान से मारने की धमकी
पहली घटना 29 जून की दोपहर करीब 3:30 बजे मनावर थाने से 14 किलोमीटर दूर ग्राम जामला में स्थित एक खेत पर हुई। फरियादी विनोद पिता मुन्नालाल राठौर (निवासी धार, मूल निवासी सोड़पुर) अपने परिवार के साथ खेत में बुआई करने गए थे। इसी दौरान जामला निवासी आरोपी रुगनाथ, काशीराम, पन्नालाल, रमेश और सोहन (सभी जाति पटेलिया) वहां पहुंचे और जमीन के विवाद को लेकर गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोपियों ने अभिषेक नामक युवक को ट्रैक्टर चलाने से रोका और उस पर पत्थरों व लाठियों से हमला कर दिया, जिससे उसके कान, हाथ और घुटनों पर चोटें आईं। बीच-बचाव करने आए विनोद, उनके बड़े पापा दयाराम और भाई संदीप को भी सिर, उंगलियों और कोहनी पर गंभीर चोटें लगीं। आरोपी जाते-जाते पीड़ित परिवार को जान से मारने की धमकी देकर भाग गए। पुलिस ने 30 जून की रात 01:02 बजे इस मामले में बी.एन.एस. की धारा 296, 115(2), 351(3), 118 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है।
गिरवी के खेत पर दराते से हमला
दूसरा मामला भी 29 जून की ही दोपहर करीब 3:00 बजे ग्राम देवरा में सामने आया। यहां बाबूलाल पिता बलवंत अवासिया अपने एक गिरवी रखे हुए खेत पर ट्रैक्टर से बुआई कर रहे थे। तभी ब्राम्हणपुरी निवासी आरोपी गोविंद और उसके बेटे कालू भीलाला ने वहां आकर आपत्ति जताई कि वे इस जमीन पर बुआई क्यों कर रहे हैं। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने माँ-बहन की गालियां देते हुए बाबूलाल पर दरातेनुमा फालिए से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में बाबूलाल के बाएं हाथ की भुजा और सीने पर चोटें आई हैं। हमले के बाद आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। पीड़ित ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने 29 जून की रात 8:00 बजे आरोपियों के खिलाफ धारा 296(a), 115(2), 351(3), 3(5) और 118(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया।
मनावर थाना क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में बुआई के सीजन के दौरान इस तरह के विवाद पहले भी सामने आते रहे हैं, जहां जमीनी सीमा या गिरवी रखी जमीनों के मालिकाना हक को लेकर हिंसक झड़पें होती हैं। इन दोनों मामलों में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गंभीर धाराओं में मामले तो दर्ज कर लिए हैं, लेकिन खेती के पीक सीजन में इस तरह के तनाव से ग्रामीण इलाकों में कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है। आने वाले दिनों में पुलिस द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी और खेतों पर शांति व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी, ताकि बुआई के इस सीजन में और कोई हिंसक घटना न हो।
