बिजली तार चोर गिरोह पर कानवन पुलिस का शिकंजा
धार। अंधेरी रात में चालू बिजली लाइन से मौत को दावत देकर कंडक्टर तार चुराने वाले एक शातिर गिरोह का कानवन पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए न सिर्फ दो आरोपियों को दबोचा, बल्कि वारदात में इस्तेमाल पिकअप वाहन सहित करीब 6 लाख रुपये कीमत के चोरी के तार भी बरामद कर लिए हैं। इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय बिजली उत्पाद और ढांचागत सामग्री चुराने वाले अपराधियों में हड़कंप मच गया है।
मामला धार जिले के कानवन थाना क्षेत्र का है, जहां 12 और 13 जुलाई की मध्य रात्रि को ग्राम खजूरिया इलाके में अज्ञात बदमाशों ने इस दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया था। बदमाशों ने खंभों पर दौड़ रही चालू विद्युत लाइन के कंडक्टर तारों को काटकर चोरी कर लिया था। घटना के बाद फरियादी लाइनमैन जोरावरसिंह सोलंकी (61 वर्ष) की रिपोर्ट पर कानवन पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के तहत अपराध क्रमांक 243/2026 दर्ज कर तत्काल मामले की तफ्तीश शुरू की थी।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कानवन थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र कुमार बारिया के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी राहुल पिता सुरेश सोलंकी (25 वर्ष, निवासी भीलखेड़ी, सागौर) और लालु पिता सुखलाल गिरवाल (20 वर्ष, निवासी गोलपुरा कुन्दीमाल, नालछा) को हिरासत में लिया। सघन पूछताछ में आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर इस चोरी को अंजाम देना कबूल किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त पिकअप लोडिंग बोलेरो (MP 09 DU 2962) और चोरी किए गए विद्युत तार के दो बड़े बंडल व एक छोटा टुकड़ा जब्त किया है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर लिया गया है। इस गिरोह के पकड़े जाने से क्षेत्र में सरकारी और विद्युत विभाग की संपत्तियों को निशाना बनाने वाले नेटवर्क पर करारी चोट लगी है। पुलिस अब रिमांड के दौरान आरोपियों से सख्ती से पूछताछ कर रही है, जिससे इस वारदात में शामिल अन्य फरार साथियों की गिरफ्तारी और क्षेत्र में हुई कुछ अन्य संभावित चोरियों के मामलों का भी खुलासा होने की उम्मीद है।
इस पूरी कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देने में थाना प्रभारी कानवन निरीक्षक रविन्द्र कुमार बारिया, सहायक उप निरीक्षक आनन्द तिवारी, सहायक उप निरीक्षक बालकृष्ण मिश्रा, आरक्षक 727 भगवती, आरक्षक 1033 नवीन, आरक्षक 1192 अजयपालसिंह, आरक्षक 1105 गजेन्द्र एवं आरक्षक 1175 विकास की सराहनीय भूमिका रही।
