बवासीर ठीक कराने के लिए पहुंचे तांत्रिक के पास, सहयोग करने वाले समधी समेत चार पर केस दर्ज
धार। जिले के मनावर बस स्टैंड से शुरू हुआ इलाज का एक भरोसा, कुक्षी थाना क्षेत्र के ग्राम पिपलिया में जाकर एक खौफनाक वारदात में बदल गया। बवासीर जैसी बीमारी को तांत्रिक क्रिया से ठीक करने का झांसा देकर एक महिला को हवस का शिकार बनाया गया। इस घिनौने अपराध में न सिर्फ अंधविश्वास का सहारा लिया गया, बल्कि पीड़िता के अपनों ने ही उसे इस जाल में धकेल दिया।
वारदात का पूरा ब्यौरा
यह सनसनीखेज मामला धार जिले के कुक्षी थाना क्षेत्र का है। घटना 25 मार्च 2026 को दोपहर करीब 1:00 से 1:30 बजे के बीच ग्राम पिपलिया में आरोपी धन्नालाल के घर पर घटित हुई। पुलिस ने 19 जुलाई रविवार को शाम 6:30 बजे इस मामले में चार आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी रिपोर्ट दर्ज की है। नामजद आरोपियों में मुख्य आरोपी तांत्रिक कैलाश (निवासी खण्डलई), पीड़िता का समधी रेवसिंह (निवासी आमसी), राकेश (निवासी सतीपुरा) और धन्नालाल (निवासी पिपलिया) शामिल हैं।
इलाज के बहाने वारदात को अंजाम
घटना वाले दिन पीड़िता का समधी रेवसिंह और उसका साथी राकेश उसे मोटरसाइकिल से मनावर बस स्टैंड से पिपलिया लेकर आए थे। उन्होंने महिला को झांसा दिया था कि धन्नालाल के घर पर तांत्रिक कैलाश बवासीर का पक्का इलाज करता है। धन्नालाल के मकान की ऊपरी मंजिल के तीसरे कमरे में ले जाकर तीनों सहयोगियों ने महिला को तांत्रिक के पास छोड़ दिया और बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। कमरे में अकेले पाकर तांत्रिक कैलाश ने महिला को तांत्रिक क्रिया उल्टी होने का डर दिखाया और उसकी मजबूरी का फायदा उठाकर उसके साथ बलात्कार किया।
डर के कारण रिपोर्ट में हुआ विलंब
वारदात के तुरंत बाद जब पीड़िता ने अपने समधी रेवसिंह, राकेश और धन्नालाल को आपबीती सुनाई, तो उन्होंने मदद करने के बजाय उसे चुप रहने की धमकी दी। आरोपियों ने महिला को डराया कि अगर उसने यह बात किसी को बताई, तो वे तांत्रिक क्रिया से उसे और उसके पति को जान से खत्म करवा देंगे। इसी खौफ के कारण महिला महीनों चुप रही, लेकिन आखिरकार हिम्मत जुटाकर उसने अपने पति को सच बताया और परिजनों के साथ थाने पहुंचकर मामला दर्ज कराया।
पुलिसिया कार्रवाई
कुक्षी थाना पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1), 127(1), 351(3) और 70(1) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। इस मामले के बाद ग्रामीण अंचलों में एक बार फिर अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता और ऐसे फर्जी तांत्रिकों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
